Breaking News

शिमला के नामी होटल मालिक से 33 लाख की ऑनलाइन ठगी, ऐसे अंजाम दिया लाखों की वारदात को


राजधानी के एक नामी होटल के मालिक को शातिरों ने लाखों रुपये का चूना लगा दिया। इससे पहले कि होटल मालिक को इस ठगी का पता चलता, उसके चार अलग-अलग बैंक खातों से 33 लाख गायब हो चुके थे।

सदर पुलिस ने होटल मालिक गोपाल अग्रवाल की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में होटल मालिक गोपाल अग्रवाल का कहना है कि मंगलवार को वह गुड़गांव गए थे।

इसी दौरान अचानक उनके बीएसएनएल मोबाइल नंबर पर चार बार बैंक की ओर से ओटीपी मैसेज आया। होटल मालिक हैरान थे कि बिना नेट बैंकिंग इस्तेमाल किए आखिर ऐसे मैसेज क्यों आ रहे हैं?

खाते से निकासी का पता करने के लिए होटल मालिक ने तुरंत शिमला में अपने बेटे को फोन लगाया। पता किया कि आखिर कौन उनके खाते से पैसे निकाल रहा है? बेटे ने बताया कि घर से किसी ने पैसा नहीं निकाला है, न ही कोई बैंक गया है। इसी बीच होटल मालिक का मोबाइल नंबर भी बंद हो गया।

शुक्रवार सुबह होटल मालिक जैसे ही शिमला पहुंचे तो सबसे पहले बैंक जाकर खाते चेक किए। पता चला कि चार अलग अलग खातों से लाखों रुपये गायब है। होटल मालिक के अनुसार उनके, उनकी पत्नी, बेटे की पत्नी और होटल के नाम से खोले खातों से कुल 33 लाख रुपये गायब है।

ऐसे अंजाम दी लाखों ठगी की वारदात

शातिरों ने चंद हजार रुपये ही खाते में छोड़े हैं। इसके बाद होटल मालिक ने तुरंत सदर थाने में शिकायत दे दी। शिकायत मिलते ही सदर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बीएसएनएल कंपनी से संपर्क साधा और साक्ष्य जुटाए।

प्रारंभिक जांच के अनुसार किसी ने होट लमालिक का डूप्लीकेट मोबाइल नंबर सोलन से जारी करवा लिया है। शातिरों ने इस मोबाइल नंबर के जरिये होटल मालिक के खातों से पैसों की निकासी कर दी।

नेट बैंकिंग के जरिए जो लेन देन किया, उसका ओटीपी मैसेज खाते से जुड़े इस डूप्लीकेट मोबाइल नंबर पर आता रहा और शातिरों ने 33 लाख रुपये उड़ा दिए। होटल के खाते से 14 लाख जबकि परिवार के सदस्यों के नाम खोले तीन खातों से 19 लाख उड़ाए गए।

होटल मालिक के अनुसार यह चारों खाते इसी मोबाइल नंबर से जुड़े थे। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने होटलमालिक के खातों से निकाले 33 लाख रुपये निकालने के बाद बारी बारी चार दूसरे बैंकों में शिफ्ट कर दिए।

ये पैसा दो लोगों के खातों में शिफ्ट किया गया है। डीएसपी हेडक्वार्टर प्रमोद शुक्ला का कहना है कि होटलमालिक से ठगी का मामला सामने आया है जिसकी जांच शुरू कर दी है।

अब इन पहलुओं पर घूमी जांच
आखिर शातिरों के पास होटलमालिक के बैंक खातों की जानकारी कहां से आई? होटलमालिक के पास मोबाइल नंबर चालू हालत में होने के बावजूद शातिरों ने कैसे डूप्लीकेट नंबर हासिल कर लिया। आखिर ठगी करने वाले दोनों शातिर कौन हैं? पुलिस आने वाले दिनों में इन सवालों के जवाब पता करने में जुट गई है।

No comments