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हिमाचल के इस जिलें में पति के वियोग में पत्नी ने भी छोड़ी दुनिया


सेवानिवृत्त वायु सेना अधिकारी फ्लाइट लेंफ्टिनेंट डा. डीआर वर्मा की चिता अभी ठंडी नहीं हुई कि 75 वर्षीय धर्मपत्नी कृष्णावती भी दुनिया छोड़ गई। करीब 58 वर्षों तक यह दंपति इक्कट्ठे जिया तथा मौत का आंलिगन भी एक साथ किया। मंगलवार को फ्लाइट लेंफ्टिनेंट डा. डीआर वर्मा की देह उनके पैतृक गांव बुघार कनैता में अग्नि को समर्पित कर दी गई।

अभी चिता में उनकी देह को रखा ही था कि अचानक चंडी मंदिर स्थित आर्मी अस्पताल में उपचाराधीन उनकी धर्मपत्नी की मुत्यु की सूचना परिजनों को मिली। डा. डीआर वर्मा को उनके ज्येष्ठ पुत्र सेवानिवृत्त मेजर जनरल पीएन वर्मा ने मुखाग्नि दी। सुबाथू 14 जीटीसी केंद्र से भी आर्मी अधिकारी के साथ-साथ सैकड़ों लोगों ने उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धाजंलि अर्पित की। 

पेंशनर एसोसिएशन के डीडी कश्यप, केडी शर्मा, रोशन लाल, मनोहर लाल, नेकराम, नंद लाल, दिला राम, इंद्र पाल शर्मा, हितेष, रिजुल, एडवोकेट गीतांश, धनीराम तनवर, प्रेमराज चौधी, डा. संजय अग्रवाल, रतन तनवर इत्यादि सैकड़ों लोगों ने समाजसेवी दंपति की मुत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। गौर हो कि कुनिहार नालागढ़ मार्ग पर काटल गांव के पास 23 मार्च को कार दुर्घटना में दंपति घायल हो गया था। 

डा. डीआर वर्मा कुनिहार के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता थे। वर्तमान में डा. वर्मा श्री सत्य साईं सेवा समिति कुनिहार के कन्वीनर एवं पूर्व सैनिक कल्याण संघ के प्रधान एवं कुठार पेंशनर संघ के प्रधान के पद पर आसीन थे। यहीं नीहं डाक्टर वर्मा होम्योपैथी के विशेषज्ञ भी थे। इसके साथ ही वह बीएल स्कूल कुनिहार के प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष के पद पर भी आसीन थे। वर्मा दंपति की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

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