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भारत मां की गोद में समा गया लाल, 27 वर्षीय नितिन राणा का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन


कांगड़ा: 27 साल का अविवाहित बेटा नितिन राणा रविवार दोपहर हमेशा के लिए भारत मां की गोद में सो गया। सुबह पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से पालमपुर लाया गया। जयसिंहपुर उपमंडल की रेटा पंचायत के नितिन राणा 7 जैक राइफल्स में भारत मां की रक्षा के लिए इंडो-तिब्बत बॉर्डर पर किन्नौर में तैनात था। 20 फरवरी को हुई अनहोनी में अपने पांच साथियों के साथ नितिन राणा ग्लेशियर की चपेट में आ गया था।


नितिन राणा को मुखाग्नि देते निखिल: पेशे से किसान पिता सुभाष चंद ने बडे़ बेटे के साथ-साथ छोटे बेटे निखिल राणा को भी भारत मां की रक्षा के लिए समर्पित किया है। छोटा बेटा राष्ट्रीय राइफल्स में इस वक्त श्रीनगर में तैनात है। मां ललिता देवी एक सिलाई अध्यापिका हैं। 

रविवार को जब अविवाहित बेटे नितिन राणा की अंतिम शवयात्रा हुई तो चारों तरफ चीखों-पुकार थी। साथ ही हजारों आंखें नम हो गई। 25 दिसंबर 1992 को जन्मा नितिन राणा अपने स्वभाव के कारण गांव में खूब लोकप्रिय था। 7 जैक राइफल्स की टुकड़ी ने पूरे सम्मान के साथ नितिन राणा को अंतिम विदाई दी।


नितिन का गांव में पहुंचा पार्थिव शरीर: पिता सुभाष चंद को सेना की टुकड़ी ने वो तिरंगा भेंट किया, जिसमें लिपटकर नितिन आया था। स्थानीय विधायक रविन्द्र धीमान के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भारत मां की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले नितिन को श्रद्धासुमन अर्पित किए। छोटे भाई निखिल ने नितिन के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।

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