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हमीरपुर से कांग्रेस टिकट पर सुरेश चंदेल का दावा बरकरार


suresh chandel claim kept on congress ticket from hamirpur

चुनावों की घोषणा के लंबे समय बाद भी कांग्रेस पार्टी हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से टिकट का फैसला अभी तक नहीं कर पाई है, जिसकी प्रमुख वजह इस संसदीय क्षेत्र के कुछ नेताओं द्वारा पहले अभिषेक राणा और अब भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेश चंदेल के विरोध से जुड़ी बताई जा रही है लेकिन पार्टी के अंदर उपजे असंतोष से निपटने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने जहां अनुशासनात्मक कार्रवाई का डंडा चलाया है, वहीं उन्होंने सुरेश चंदेल की कांग्रेस में एंट्री के विरोध की शुरूआत करने वाले बिलासपुर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर को भी दिल्ली तलब कर लिया है जबकि टिकट की शर्त पर कांग्रेस में एंट्री की आस लगाए बैठे सुरेश चंदेल भी दिल्ली पहुंच गए हैं, जिससे हमीरपुर सीट से कांग्रेस के टिकट पर सुरेश चंदेल का दावा अब पुख्ता दिखने लगा है।

सूत्रों की मानें को हाईकमान चुनावों के वक्त पार्टी के अंदर किसी भी तरह का असंतोष नहीं फैलने देना चाहता, जिसके चलते हाईकमान बंबर ठाकुर से चर्चा कर डैमेज कंट्रोल की कोशिश करने जा रहा है। इसके बाद ही कांग्रेस हमीरपुर सीट से प्रत्याशी की घोषणा करेगी।

14 वर्ष के वनवास को खत्म करने के लिए कांग्रेस के दरबार में दी दस्तक

भाजपा टिकट पर 3 बार संसद पहुंचने वाले सुरेश चंदेल ने इस बार अपने 14 वर्ष के वनवास को खत्म करने के लिए टिकट के लिए कांग्रेस के दरबार में दस्तक दी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी आनंद शर्मा, अहमद पटेल, रजनी पाटिल सहित कुछ वरिष्ठ नेताओं के माध्यम से कांग्रेस में एंट्री के प्रयास सुरेश चंदेल ने किए हैं। हमीरपुर से टिकट के फैसले में हो रही देरी का प्रमुख कारण भी कहीं न कहीं सुरेश चंदेल के साथ जुड़ा बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो कांगे्रस की तरफ से बनाई गई सूची में भी सुरेश चंदेल का नाम सबसे ऊपर चल रहा है तथा उनके बाद सुखविंदर सुक्खू, रामलाल ठाकुर और अभिषेक राणा के नाम शामिल हैं।
सुरेश चंदेल का विरोध करने पर 5 नेताओं पर गिर चुकी है गाज

कांग्रेस की तरफ से सुरेश चंदेल का विरोध करने वाले बिलासपुर के 5 नेताओं को पार्टी ने निलंबित किया है, उससे उनको टिकट दिए जाने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि पार्टी के भीतर इसका विरोध भी हो रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार जिन 3 नेताओं को निलंबित किया गया है, वे पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के समर्थक हैं। जानकारी के अनुसार बंबर ठाकुर इस निलंबन का विरोध कर रहे हैं। 

उनकी तरफ से तर्क दिया गया है कि जिस नेता को अभी तक पार्टी में शामिल भी नहीं किया गया है, उनके नाम पर आपत्ति दर्ज करवाने वाले पर कार्रवाई होना गलत है। उल्लेखनीय है कि सुरेश चंदेल का विरोध करने पर जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर से तृप्ता ठाकुर, नैम मोहम्मद, शैलेंद्र भरोल, मधु चंदेल और जिला कांग्रेस कमेटी ऊना से विकास कश्यप को उनके पद से निलंबित करके 15 दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
3 बार सांसद बने सुरेश चंदेल

19 मार्च, 1960 को बिलासपुर में जन्मे सुरेश चंदेल 3 बार भाजपा टिकट से सांसद बने हैं। वह वर्ष, 1998, 1999 और 2004 में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीते लेकिन आप्रेशन दुर्योधन नामक स्टिंग से उनका राजनीतिक करियर चौपट हो गया था। हालांकि भाजपा ने उन्हें 2012 के विधानसभा चुनावों में बिलासपुर सदर से चुनाव में उतारा था लेकिन वह कांग्रेस प्रत्याशी बंबर ठाकुर से चुनाव हार गए थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से निकले सुरेश चंदेल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहने के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। वह भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के अलावा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद शासकीय निकाय के सदस्य रहे हैं।

बंबर ठाकुर को सुनाया जाएगा हाईकमान का आदेश

सूत्रों के अनुसार पूर्व विधायक बंबर ठाकुर इस समय सुरेश चंदेल को टिकट देने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बैठक के दौरान भी इसका विरोध किया था, जिसके बाद पार्टी की तरफ से अन्य विकल्पों पर विचार किया गया। अब जबकि बंबर ठाकुर के समर्थकों को निलंबित किया गया है, तो उसके बाद पार्टी के भीतर फिर से विरोध के स्वर उठे हैं। 

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सुरेश चंदेल की एंट्री से पहले बिलासपुर कांग्रेस में फैले असंतोष को शांत करने के आदेश हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल को दे रखे हैं, जिसके चलते बंबर ठाकुर को दिल्ली तलब किया गया है। माना जा रहा है कि हाईकमान का आदेश बंबर ठाकुर को सुनाया जाएगा।

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