Breaking News

जज्बे को सलामः बिना आंखों की रोशनी, इन छात्रों ने किया 10वीं की परीक्षा में कमाल


सामान्य बच्चों की तरह इनके पास दृष्टि नहीं है, लेकिन आगे बढ़ने की ललक ने दृष्टिहीन बच्चों में हिम्मत जगाई है। आज इन्ही बच्चों ने दसवीं की परीक्षा में बेहतरीन अंक लेकर दिखा दिया कि वह भी किसी से कम नही हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर- 26 स्थित ब्लाइंड स्कूल के अमृतपाल सिंह, जशनप्रीत कौर, अनीता और वृंद्रा ने अच्छे अंक लेकर अपने माता-पिता और टीचर का नाम रोशन किया। इनमें अमृतपाल सिंह 88.8 प्रतिशत अंक और जश्नप्रीत कौर 88.8 प्रतिशत अंक लेकर संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया।

टीचिंग में बनाना चाहते हैं करियर: अमृतपाल सिंह ने दसवीं कक्षा के बोर्ड पेपर में 88.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उन्होंने 500 में कुल 444 अंक लिए। इनके पिता बलदेव सिंह चंडीगढ़ पुलिस में एएसई हैं और मां रणजीत कौर हाउस वाइफ। मां ने बताया कि स्कूल में मिलने वाले काम को घर में आकर रोजाना करता है। इसके अलावा सारा दिन बस पढ़ाई में लगा रहता है। पढ़ाई से अमृतपाल को इस कदर लगाव हो गया कि अब वह आगे चलकर टीचिंग लाइन में करियर बनाना चाहते हैं।

म्यूजिक टीचर बनकर कमाना चाहती हैं नाम : जश्नप्रीत कौर ने दसवीं कक्षा में 88.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उन्होंने 500 में कुल 544 अंक हासिल किए। जशनप्रीत कौर नवांशहर की रहने वाली है। इनके पिता सोमनाथ की मेडिकल की दुकान है और मां मंजीत कौर मेडिकल लाइन में काम करती हैं। जशनप्रीत कौर को म्यूजिक से काफी लगाव है। वह म्यूजिक टीचर बनना चाहती हैं।

बैंक ऑफिसर बनने की तमन्ना : अनीता ने 86.3 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। 500 में से कुल 434 अंक किए और दूसरे स्थान पर रहीं। इनके पिता जीरकपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स का काम करते हैं और मां दिव्या हाउस वाइफ हैं। अनीता ने बताया कि वह बचपन से ब्लाइंड है। सेक्टर- 26 स्थित ब्लाइंड स्कूल में पढ़ती हैं। वह आगे चलकर बैंक में ऑफिसर के तौर पर काम करना चाहती हैं।

कंप्यूटर टीचर बनने की ख्वाहिश : वृंद्रा ने 86 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वह 500 में से कुल 430 अंक हासिल कर तीसरे स्थान पर रही। वृंद्रा हरियाणा के कुरुक्षेत्र की रहने वाली हैं। इनके पिता विजय कुमार दुकानदार और मां शिंदर कौर गृहिणी हैं। वृंद्रा ने बताया कि वह पहली कक्षा से ही सेक्टर-26 स्थित ब्लाइंड स्कूल में भर्ती हुई और यहीं से दसवीं कक्षा की पढ़ाई की। वह कंप्यूटर टीचर बनना चाहती हैं।

No comments