Breaking News

आज दिया दान आता है हर युग में काम, पढ़ें और कई रोचक बातें


वैशाख शुक्ल तीज के दिन अक्षय तृतीया का महापर्व आज है। यह पर्व अबूझ और चिरंजीवी तिथि लेकर आता है। सूर्य, चंद्र, शुक्र और राहु का उच्च राशि वृष में प्रवेश इसी दिन होगा। त्रेता युग का शुभारंभ आखा तीज के दिन ही हुआ था। इसी दिन उत्तराखंड के चारधामों के कपाट खलना शुरू हो जाते हैं।

अक्षय तृतीया वर्ष उन चार पर्वों में से एक है, जिस दिन किए गए सभी कार्य फल देते हैं। यह पर्व मांगलिक कार्यों के लिए अबूझ पर्व है। वर्ष में बसंत पंचमी, देवोत्थान एकादशी और रामनवमी ऐसे तीन अन्य पर्व है, जिन पर विवाह आदि कोई भी शुभ कर्म ज्योतिषी से बूझे बगैर किए जा सकते हैं।

इस दिन किया हुआ कोई भी कर्म निष्फल नहीं जाता। इस दिन दिया हुआ दान हर युग में जीव के काम आता है। इस दिन किया हुआ पाप करोड़ों स्वर्ण मुद्राएं दान करने से भी निष्फल नहीं होता। यह चिरंजीवी तिथि है।

इसी दिन भगवान नर नारायण, परशुराम और हयग्रीव के अवतार हुए थे। यह दिन विष्णु और लक्ष्मी की आराधना का दिन है। सूर्य और चंद्र के एक साथ उच्च राशि में आने से आकाशीय ग्रह मंडल के तमाम ग्रहों के संताप मिट जाते हैं।

धर्मशास्त्रों की व्याख्या के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का सबसे बड़ा महत्व है। यह पर्व भगवान विष्णु के लक्ष्मी नारायण स्वरूप की आराधना का भी पर्व है। इस दिन यदि कुछ खरीदना है, तो ज्ञान खरीद सकते हैं। पुस्तकों के साथ-साथ श्रीयंत्र की खरीदारी भी पुण्य फलदायी बताई गई है।

No comments