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मिस्त्री का बेटा बना सेना में लैफ्टिनैंट, गांव में खुशी की लहर


उपमंडल नूरपुर के गांव सुखार भराणा के संजीव कुमारने भारतीय सेना अकादमी देहरादून से पासआऊट होकर न सिर्फ अपने माता-पिता बल्कि क्षेत्र का नाम भी रोशन किया है। कुल पासआउट युवाओं में संजीव का ओवरऑल रैंक 7वां रहा। संजीव कुमार थल सेना में लैफ्टिनैंट के पद पर आसीन हुए हैं, जिससे पूरे गांव में खुशी का माहौल है। 28 वर्षीय संजीव के पिता केवल सिंह मिस्त्री का काम करते हैं जबकि माता उषा देवी गृहिणी हैं। सजीव का छोटा भाई राकेश अभी नौकरी की तलाश कर रहा है। संजीव कुमार ने अपनी दसवीं तक की पढ़ाई राजकीय उच्च पाठशाला सुखार तथा जमा दो तक की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला राजा का तालाब से की।

2010 में 8 डोगरा में बतौर सिपाही हुए थे भर्ती

संजीव के परिजनों ने बताया कि संजीव की इस उपलव्धि पर उन्हें काफी खुशी है। उन्होंने बताया कि देश सेवा का जज्बा लिए संजीव कुमार 2010 में 8 डोगरा में बतौर सिपाही भर्ती हुए। जब उन्हें पता चला कि अगर वह मेहनत करते हैं तो सेना में ऑफिसर भी बन सकते हैं तो उन्होने अपने आगे की पढ़ाई भी साथ में जारी रखी। यह संजीव की कड़ी मेहनत का नतीजा ही है कि अब वह भारतीय सेना अकादमी देहरादून से पासआऊट होकर लैफ्टिनैंट बने हैं।
सब्जी बेचने वाले से देश की रक्षा करने वाले सिपाही बने

जानकारी के अनुसार संजीव कुमार बारहवीं पास करने के बाद पिता के बीमार होने पर आगे की पढ़ाई नही कर सके। घर की सारी देखभाल अब संजीव के कंधों पर आ गई। संजीव ने हार नहीं मानी और अपने खेतों में मेहनत कर सब्जी बगैरह उगाने लग पड़े और बेचने भी लग पड़े। उसी मेहनत और लगन से संजीव आज सब्जी बेचने वाले से देश की रक्षा करने वाले सिपाही बन गए।

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