Breaking News

दो दिन से मां ने नहीं खाया खाना, बेटी को याद कर बस बोल रही ये बात

bus accident in shimla

..मिष्टी उठ जा दूध पी ले, स्कूल जाना है। सुबह पौने छह बजे मिष्टी की मां मीरा बेटी को घर में तलाशते हुए कुछ इसी तरह आवाजें लगाती रहीं। ..कहां गई मेरी मिष्टी, भगवान ने मेरे साथ ही ऐसा क्यों किया, अब किसको दूध पिलाऊं, किसके लिए लंच पैक करूं। बेटी की मौत के बाद मीरा बेसुध है। दादी मिष्टी की तस्वीर सीने से लगा कर रोती रहीं। झंझीड़ी बस हादसे का शिकार हुई मेहल को घर में परिजन मिष्टी कहकर बुलाते थे।

पड़ोस में सुबह शाम मिष्टी की हंसी की आवाज गूंजती थी लेकिन मंगलवार को वहां मातम पसरा था। सुबह से ही सगे संबंधियों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के सांत्वना देने के लिए घर आने का सिलसिला शुरू हो गया। मिष्टी के पिता बृजमोहन ने बताया कि सोमवार को वह जरूरी काम से चौपाल गए थे।

इनकी गैर मौजूदगी में यह हादसा हो गया। शनिवार को मिष्टी और बेटे ऐनिक ने हार्स राइडिंग की जिद की। पापा दोनों बच्चों को हार्स राइडिंग करवाने रिज पर ले गए, फोटो खिंची और फेसबुक पर भी डाली। किसको क्या पता था कि मिष्टी की यह अंतिम सैर होगी। दो महीने पहले मिष्टी अपनी नानी के घर ठियोग गई थी।

शिमला लौटने के बाद पापा से टॉय स्कूटी गिफ्ट में मांगी। बृजेश का चंडीगढ़ जाना हुआ और लौटते हुए बेटी के लिए स्कूटी ले आए। टॉय स्कूटी से खेलना मिष्टी को बेहद पसंद था। हर साल 5 अक्तूबर को पूरा परिवार मिष्टी का जन्मदिन धूमधाम से मनाता था।

मिष्टी का 4 साल का छोटा भाई ऐनिक मंगलवार को स्कूल नहीं गया। ऐनिक डीएवी न्यू शिमला में नर्सरी में पढ़ता है। घर में मातम के माहौल के बीच एनिक परेशान दिखा। कभी खेलने घर से बाहर निकल जाता है तो कभी ऊपर की मंजिल में चला जाता। मासूम को पता नहीं कि उसे ‘एनी’ कह कर पुकारने वाली बड़ी बहन मिष्टी अब हमेशा के लिए चली गई है।

No comments