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पाकिस्तान ने हिमाचली सपूत के साथ की थी दरिंदगी, अंगों को कर दिया था क्षत-विक्षत, मोदी से इंसाफ की आस

saurabh-kalia

20 साल बाद भी इंसाफ न मिलने पर कारगिल युद्ध में शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के परिजनों का दर्द छलक उठा है। पाकिस्तान की अमानवीय यातनाओं से शहीद हुए कैप्टन सौरभ कालिया के परिजनों को आज तक इंसाफ नहीं मिला है। सुप्रीम कोर्ट में मामले चल रहा है, लेकिन डेढ़ साल से कोई सुनवाई नहीं हुई।
पिता डॉ. एनके कालिया और माता विजय कालिया कहना है कि जब तक विदेश मंत्रालय पाकिस्तान या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मामला सख्ती से नहीं उठाता, तब तक कुछ नहीं होने वाला।

जिस तरह से भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ नौसेना अधिकारी कुलभूषण और पायलट विंग कमांडर अभिनंदन का मामला उठाया और उसके नतीजे भी सामने आए। लिहाजा, विदेश मंत्रालय को सौरभ का मामला भी पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीधा उठाना चाहिए।

क्या हुआ था
1999 में पाक सेना ने अमानवीय व्यवहार कर सौरभ कालिया के अंगों को क्षत-विक्षत कर दिया था। उनका शव नौ जून 1999 को क्षत-विक्षत हालत में मिला था। कैप्टन सौरभ और उनके पांच अन्य साथी कारगिल में पाकिस्तान सेना की टोह में निकले थे।

डॉ. कालिया का कहना है कि उस समय अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में यह मुद्दा सीधा पाकिस्तान या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठना चाहिए था। अब उन्हें फिर से मोदी सरकार से न्याय की आस जगी है। पिता चाहते हैं कि उनके बेटे के मामले में इंसाफ मिलना चाहिए।

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