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इस कारण से सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन न करने की दी जाती है सलाह


Surya Grahan 2019: सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन करना क्यों डाल सकता है आपके शरीर पर हानिकारक प्रभाव।

सूर्य ग्रहण हो या चंद्रग्रहण, इस दौरान भोजन करना निषेध माना गया है। इस बारे में पौराणिक काल से यह मान्यता चली आ रही है कि ग्रहण के दौरान खाद्य पदार्थ में छोटे जीवाणु आ जाते हैं और भोजन को दूषित कर देते हैं। इसलिए ग्रहण काल की अवधि में भोजन करने से मना किया जाता है। साथ ही ऐसी धार्मिक मान्यता है कि बचे हुए खाद्य पदार्थ में कुशा डाल देने से कीटाणु इसमें प्रवेश नहीं कर पाते हैं। ग्रहण के दौरान भोजन करने से सूक्ष्म किटाणु भोजन के साथ पेट में चले जाने से रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए ग्रहण की अवधि में भोजन करना वर्जित माना गया है। आइए जानते हैं ग्रहण के दौरान भोजन करने से हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है।

प्रसिद्ध वैज्ञानिक तरिन्स्टर ने अपने शोध में यह पाया कि सूर्य ग्रहण के दौरान मनुष्य की पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। जिस कारण सूर्य ग्रहण की अवधि में भोजन करने से अपच, एसीडिटी आदि की समस्या हो जाती है। वहीं हिन्दू धर्म-शास्त्र के जानकारों का मानना है कि सूर्य ग्रहण लगने से 10 घंटे पहले से ही इसका कुप्रभाव शुरू हो जाता है।

अंतरक्षीय प्रदूषण के इस समय को सूतक काल कहा जाता है। साथ ही सूतक काल में पके हुए भोजन में तुलसी के पत्ते डाल देने की भी मान्यता है। क्योंकि सूतक काल में पके हुए भोजन को करने से हमारी प्राण शक्ति का ह्रास होता है। और तुलसी के पत्ते में विद्युतशक्ति और प्राण शक्ति सबसे अधिक होती है।

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