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खुशख़बरी: बेटियों के लिए नौकरी का आवेदन अब फ्री


देश के 73वें स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने घोषणा की कि हिमाचल में लोक सेवा आयोग तथा राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षाओं में अब बेटियों को कोई फीस नहीं देनी होगी। इसे राज्य सरकार ने माफ कर दिया है।

जयराम ठाकुर ने सरकारी स्कूलों के 9वीं व 10वीं कक्षाओं के सभी विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यक्रम पुस्तकें देने का भी एलान किया। इससे प्रदेश के 65,000 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। इसके अतिरिक्त ऐसे भूतपूर्व सैनिकों, सैनिक विधवाओं एवं आश्रितों, जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है तथा जिन्हें वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही है, उन्हें वर्तमान में दी जा रही वित्तीय सहायता को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिवर्ष किया गया। मुख्यमंत्री ने द्वितीय विश्व युद्ध के सेनानियों की वित्तीय सहायता राशि को 3000 रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये प्रतिमाह तथा सेनानियों की विधवाओं की वित्तीय सहायता राशि को 3000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की।

यह कार्यक्रम ऐतिहासिक रिज मैदान पर हुआ। इस अवसर पर स्कूली छात्रों तथा सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा पुलिस, गृह रक्षकों, एनसीसी, स्काउट्स एंड गाइड्स, एनएसएस के कैडेटों तथा स्कूली छात्रों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्च पास्ट की सलामी ली। परेड का नेतृत्व उप अधीक्षक पुलिस पंकज शर्मा ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन सभी स्वतंत्रता सेनारियों को स्मरण किया, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।

उन्होंने हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार द्वारा प्रदेश के विकास की ठोस नींव रखने के लिए उन्हें श्रद्धांजलि दी। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक बलबीर वर्मा तथा विक्रमादित्य सिंह, हिमफेड के अध्यक्ष गणेश दत्त, मिल्कफेड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, नगर निगम शिमला की मेयर कुसुम सदरेट, उपमहापौर राकेश शर्मा, मुख्य सचिव बीके अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, मनोज कुमार तथा संजय गुप्ता, प्रधान सचिव जेसी शर्मा, ओंकार शर्मा, संजय कुंडु, महाधिवक्ता अशोक शर्मा सहित अन्य गण्यमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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