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हिमाचल में भूस्खलन से 824 सड़कें बंद, 554 छात्राएं फसीं


हिमाचल में तीन दिन तक भारी बारिश के बाद भले ही मंगलवार को मौसम खुल गया, लेकिन दुश्वारियां कम नहीं हुईं। प्रदेश में अभी भी 824 सड़कें बंद हैं। जगह-जगह भूस्खलन से प्रदेश में सैकड़ों लोग और पर्यटक फंसे हैं। नेरवा में अंडर-19 खेलकूद स्पर्धा के लिए गईं शिमला जिले की 554 छात्राएं फंस गई हैं। रोहतांग मार्ग पर मढ़ी में मंगलवार तड़के चार बजे भूस्खलन से सैकड़ों पर्यटक वाहनों सहित फंसे रहे। लेह के लिए निकली सेना की गाड़ियां मनाली लौट आईं।

मनाली-लेह हाईवे पर बंता के पास तेल के टैंकर पर चट्टानें गिर गईं। हालांकि इससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि मार्ग कुछ देर के लिए बहाल हुआ, लेकिन शाम को भूस्खलन के चलते फिर से बंद हो गया। इसके चलते सैकड़ों पर्यटक और लाहौल जाने वाले वाहन फंस गए हैं।

शिमला और कुल्लू के ग्रामीण इलाकों में सड़कें बहने से करोड़ों का पेटियों में बंद सेब फंस गया है। पहाड़ दरकने से शिमला-कालका हाईवे तीन घंटे बाधित रहा। हमीरपुर के मैड़ के पास बाधित शिमला-मटौर एनएच देर शाम बहाल हुआ।

बातल और छोटा दड़ा में करीब 300 वाहन फंसे

मणिमहेश के लिए मंगलवार को हेलीकॉप्टर उड़ानें शुरू होनी थी, लेकिन खराब मौसम के चलते इन्हें रद्द करना पड़ा। सोलन में एसपी के आवास में दरारें आने के बाद उसे खाली करवाया गया।

एसडीएम मनाली डॉ. अमित गुलेरिया ने कहा कि लाहौल के सिस्सू और कोकसर में फंसे सभी लोग सोमवार रात को मनाली पहुंच गए हैं। जबकि स्पीति के ग्रांफू-काजा सड़क पर भूस्खलन होने से बातल और छोटा दड़ा में करीब 300 वाहन फंसे हैं।

इसमें साउथ की मलयालम फिल्म की यूनिट भी शामिल है। उपायुक्त लाहौल-स्पीति केके सरोच ने कहा कि प्रशासन ओर बीआरओ की टीम मौके पर पहुंची है और फिल्म यूनिट ने बाहर आने से मना किया है।

यूनिट ने कहा कि वह सुरक्षित है और उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं है और बुधवार सुबह वे स्वंय घाटी से बाहर निकलेंगे। उन्होंने कहा कि छोटा दड़ा से काजा तक सड़क बहाल हो गया है।

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