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रक्षा बंधन 2019: बिना इस मंत्र को पढ़े नहीं मिलता है राखी का लाभ, जानिए क्या है मंत्र


हिंदू धर्म में वैसे तो कई सारे पर्व और त्योहार मनाएं जाते हैं मगर रक्षाबंधन का पर्व बहुत ही खास और महत्वपूर्ण माना जाता हैं इस साल 15 अगसत को पूरे देश में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस बार के रक्षाबंधन के दिन शुभ समय बहुत ही लंबा हैं जिस वक्त बहनें अपने भाईयों को राखी बांध सकती हैं इस खास त्योहार पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रेशम के रंग बिरंगे धागे बंधते हैं हो राखी कहलाती हैं।

मगर केवल इन धागों को बांध लेना ही काफी नहीं होता हैं इन धागों को शक्ति तभी मिलती हैं जब आप इनके साथ रक्षाबंधन के मंत्रों को भी बोलते हैं। वही हिंदू धर्म शास्त्रों में कहा गया हैं कि मंत्रों से रक्षासूत्र आशीर्वाद का कवच बन जाता हैं जो मनुष्य की रक्षा करने में सहायता करता हैं। केवल राखी बांध लेने से वह ऋृंगार बनकर रह जाता हैं इसलिए जब भाई की कलाई में राखी बांधे तो बहनों को रक्षाबंधन का मंत्र भी जरूर बोलना चाहिए।

जानिए रक्षा बंधन का मंत्र— ” येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल: तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि रक्षे माचल माचल:।’ वही इस मंत्र के बनने की कहानी बड़ी ही अनोखी हैं जिसका सार इसी मंत्र में छुपा हैं। भगवान श्री विष्णु ने वामन बनकर राजा बलि से दान में सब कुछ मांग लिया। राजा बलि को जब भगवान की चाल का ज्ञान हुआ तब उसने वामन भगवान से वरदान मांगा कि हे भगवान आप मरे साथ पाताल में निवास करें।

विष्णु राजा बलि के साथ पाताल चले गए। इससे माता लक्ष्मी दुखी हो गई और राजा बलि को दिए वरदान के बंधन से भगवान को मुक्त करवाने के उपाय सोचने लगी। माता लक्ष्मी वेष बदलकर राजा बलि के पास गयी और राजा बलि को अपना मुंह बोला भाई बना​ लिया।

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