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वाहन चलाते हुए कॉन्‍स्‍टेबल का फोन पर बात करते फोटो वायरल, लगा इतना जुर्माना


नए मोटर व्‍हीकल एक्‍ट के लागू होने के बाद ट्रैफिक नियमों के उल्‍लंघन पर जुर्माना कई गुना बढ़ गया है. हाल फिलहाल कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां जुर्माने की रकम वाहन की कीमत से भी ज्‍यादा है. कुछ मामलों में तो वाहनों को भी जब्‍त किया गया है. इन सबके बीच अहमदाबाद में मोबाइल पर बात करते हुए बाइक चलाना एक पुलिस कॉन्‍स्‍टेबल को भारी पड़ा.

सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के बाद कॉन्‍स्‍टेबल पर कार्रवाई की गई है. कॉन्‍स्‍टेबल विश्‍वास राठौर पर 1100 रुपये का जुर्माना लगाया गया है. हालांकि गुजरात में अभी मोटर व्‍हीकल अधिनियम लागू नहीं है. इसलिए नए अधिनियम के तहत कार्रवाई नहीं की गई है.

तुरंत चालान नहीं काट सकती ट्रैफिक पुलिस

नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद चालान संबंधी कई तरह की खबर सामने आ रही हैं. वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी), ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल), इंश्योरेंस सर्टिफिकेट, पीयूसी, और परमिट सर्टिफिकेट तत्काल नहीं दिखाने पर चालान काटे जा रहे हैं. हालांकि इसपर जानकारों की राय कुछ अलग है. नए एक्‍ट का अवाला देकर जानकार बताते हैं कि अगर आप तुरंत ये सभी कागज नहीं दिखाते हैं तो भी ये जुर्म की श्रेणी में नहीं आता है. इसपर ट्रैफिक पुलिस तुरंत चालान नहीं काट सकती है. हालांकि नियमों की जानकारी न होने पर रोजाना ऐसे मामले सामने आ रहे हैं. आम जनता परेशान हो रही है.




15 दिन का समय देना जरूरी
विशेषज्ञों ने सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि नए नियमों में यह निश्चित किया गया है कि चालक को वाहन संबंधी दस्‍तावेज पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाना चाहिए. अगर चालक समय मांगता है तो ट्रैफिक पुलिस तुरंत उसका चालान नहीं काट सकती. अगर चालक 15 दिन के अंदर इन दस्तावेजों को दिखाने का दावा करता है, तो उसका चालान नहीं काटा जाएगा. 15 दिनों के अंदर वाहन चालक को ये दस्‍तावेज संबंधित अधिकारियों को दिखाने होंगे.

कोर्ट जाकर चालान खारिज कराने का भी विकल्‍प

जानकार बताते हैं कि अगर ट्रैफिक पुलिस नए नियम के बाद भी संबंधित कागज नहीं दिखाने पर भी चालान काटती है तो वाहन चालक के पास कोर्ट जाकर इस चालान को खारिज कराने का ऑप्‍शन होता है.

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