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एक साथ जलीं 4 चिताएं, रोते हुए पिता बोला – पुत्त उठो घर चलिए


ढाई साल की बेटी को जब दीपक अदलखा अग्नि देने लगे तो भावुक होकर बोल उठे कि ‘मान्या, उठो पुत्त घर चलिए।‘ दीपक की यह बात सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। दर्दनाक सड़क हादसे में माता, पिता, भाई और मासूम बेटी के जाने का गम 28 वर्षीय दीपक अदलखा समेत अन्य परिजन सहन नहीं कर पा रहे थे। चीखों के साथ बार बार अपनी सुध खो रहे दीपक को कई बार इंजेक्शन दिए गए। दीपक के मामा संजीव पोपली और अन्य रिश्तेदार उन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन बहते आंसुओं को नहीं रोक पा रहे।

शादी समागम में शामिल होने वाले हरीश अदलखा के भतीजे जयध्वज ने बताया कि रात साढे़ ग्यारह बजे उनकी चाची मीना ने चाचा से कहा कि वह देर कर रहे हैं। वह जयध्वज की गाड़ी में उनके साथ सुनाम चली जाती हैं। हरीश अदलखा ने कहा कि वह भी पांच मिनट में जा रहे हैं। मीना अदलखा वहां रुक गई और पति के साथ गाड़ी में बैठ गईं।

एक साथ जलीं 4 चिताएं, कोई रोक नहीं पाया आंसू: शमशान घाट में 4 चिताओं को एक साथ अंतिम संस्कार देख वहां मौजूद हर शख्स की आंख में आंसू थे। विधायक अमन अरोड़ा, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजिंदर सिंह राजा, इंडस्ट्री चैंबर के जिलाध्यक्ष घनश्याम कांसल, अग्रवाल सभा के प्रेम गुप्ता समेत कई अन्य गण्यमान्यों ने परिजनों के साथ संवेदना जताई।

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