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हादसा : कार हादसे में दो घरों के बुझे चिराग, जावेद ने आखों के सामने दम तोड़ते देखा भाई


किन्नौर जिले के तरांडा सड़क हादसे ने तीन युवकों को अकाल मौत का ग्रास बना लिया है। हादसे में घायल अन्य दो युवक अस्पताल में उपचाराधीन है। हादसा युवकों के परिजनों को जीवन भर का सदमा दे गया है। बताया जा रहा है कि सभी युवक कामरू में शादी में शामिल होने जा रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि आधे रास्ते में ही मौत उनका इंतजार कर रही है। रामपुर खनेरी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा दिल्ली का जावेद खुद तो घायल हो गया लेकिन उसका भाई शाहिल मौत के मुंह में समा गया।

जावेद को क्या पता था कि वह अपने भाई के साथ शादी में शरीक होने जा तो रहा है लेकिन शादी में पहुंचने से पहले ही आधे रास्ते में अपने भाई को सदा के लिए खो जाएगा। नीरथ के रणवीर अपने चचेरे भाई गौरव और अन्य दोस्तों के साथ अपने मौसेरे भाई की शादी में शामिल होने जा रहा थे। बताया जा रहा है कि रणवीर और गौरव अपने घर के इकलौते चिराग थे। तरांडा कार हादसे ने दो परिवारों के दो इकलौते चिराग बुझा दिए है।

बताया जा रहा है कि सभी युवक रामपुर के नीरथ से एक साथ एक ही गाड़ी में कामरू के लिए रवाना हुए थे। जबकि रणवीर के पिता और अन्य लोग दूसरी गाड़ी में निकले थे। रणवीर के पिता और अन्य लोग टापरी में उनसे पहले पहुंच गए लेकिन वह काफी इंतजार करने के बाद भी टापरी नहीं पंहुचे। जिस पर उसके पिता सभी युवकों के फोन पर कॉल की लेकिन किसी का भी फोन नहीं लगा। जिसकी वजह से वह उन्हें तलाशने के लिए वापस आए।
भावानगर पुलिस टीम सर्च करने के लिए उनके साथ आई। सर्च ऑपरेशन के दौरान तरांडा ढांक में सड़क के नीचे से चिखने चिलाने की आवाज सुनाई दी। पुलिस ने घायल अवस्था में जावेद और रवि कुमार को निकाला जबकि अन्य रात को नहीं मिले।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस थाना भावानगर से एक बचाव दल दुर्घटना स्थल की ओर रवाना हो गया। इसके अतिरिक्त जिला पुलिस क्यूआरटी के पांच सदस्य व जिला आपदा प्रबंधन दल हिमाचल होमगार्ड के ग्यारह जवान तथा जेएसडब्ल्यू कुपनी की रिस्पांस टीम के सदस्य भी रात को ही मौके पर पंहुच गए।

कड़ी मशक्कत के बाद रात को ही दुर्घटना में घायल दो लोगों रवि कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह 18 वर्ष निवासी नीरथ रामपुर तथा जावेद पुत्र असलम खान निवासी दिल्ली को निकाल सीएचसी भावानगर लाया गया। दोनों को प्राथमिक उपचार देने के बाद खनेरी अस्पताल रामपुर रेफर किया गया। विकट परिस्थिति एवं खराब मौसम के कारण रात को शव नहीं निकाले जा सके जिसके चलते सुबह ही शवों को गहरी खाई से निकाला जा सका।

एसडीएम भावानगर मनमोहन सिंह व तहसीलदार भावानगर रोशन लाल भी रात को ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे। उधर, डीएसपी भावानगर अमर चंद ने बताया कि पुलिस थाना भावानगर में आईपीसी की धारा 279 A 337 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है व दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। मृतकों के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है।

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