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चम्बा: यह कैसी व्यवस्था, BPL कार्ड भी है, फिर भी गरीब मुफ्त दवाइयों को तरस रहा


चम्बा : ग्राम पंचायत देवीकोठी की रहने वाली 24 वर्षीय चंपा देवी पत्नी कमलजीत बीते 7 दिनों से मैडीकल कालेज अस्पताल चम्बा में उपचार के लिए दाखिल है, लेकिन उसे अभी तक पूरा उपचार नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए न तो मैडीकल कालेज अस्पताल प्रबंधन और न ही चिकित्सक जिम्मेदार हैं, बल्कि इस परिस्थिति के लिए चंपा की गरीबी व सरकार की वे नीतियां जिम्मेदार हैं, जिनमें किसी भी प्रकार का मुफ्त में सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए किसी न किसी प्रकार का स्वास्थ्य कार्ड का रोगी के पास होना जरूरी है।

यह बात अलग है कि चंपा के पास गरीब होने का सरकार द्वारा जारी किए जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण बीपीएल कार्ड मौजूद है, लेकिन यह कार्ड चंपा को मौजूदा संकट से उभारने में मददगार साबित नहीं हो रहा है। यही वजह है कि जिस रोग से निजात दिलाने के लिए चंपा देवी को सिविल अस्पताल तीसा से जिला मुख्यालय में मौजूद मैडीकल कालेज अस्पताल चम्बा के लिए रैफर किया गया था, उस बीमारी से अब तक इस महिला को निजात नहीं मिली है।

4 से 6 इंजैक्शन लगाए जाने जरूरी: चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि चंपा देवी शारीरिक रूप से बेहद कमजोर है तो साथ ही उसके पेट में पानी भरा हुआ है। उसके शरीर को प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा मिलना बेहद जरूरी है। इसे मीट, पनीर व दाल-सब्जियों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है तो साथ ही ड्राई फ्रूट बगैरह भी बेहद जरूरी है, लेकिन अगर कोई रोगी आर्थिक रूप से संपन्न न हो या फिर उसके शरीर में मौजूद इस कमी को शीघ्र दूर किया जाना हो तो इसके लिए एल्ब्यूमिन नामक इंजैक्शन लगाया जाता है। यह इंजैक्शन दिन में 2 बार और कम से कम 4 से 6 इंजैक्शन लगाए जाने जरूरी हैं।

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