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हिमाचल: विधवा से मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने पर रिश्वत मांगने पर पटवारी को 5 साल की सजा


बिलासपुर : जिला सत्र एवं विशेष न्यायाधीश राकेश चौधरी ने मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की ऐवज में 4 हजार रूपए रिश्वत मांगने के मामले में दोषी पाए गए पटवारी सुरेश कुमार चोपड़ा को 5 साल के कठोर कारावास व जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। अदालत ने यह सजा जिला न्यायाधीश नारायण सिंह चैहान के ठोस सबूतों को पेश करने व न्यायवादी एंव विशेष लोक अभियोजक विनोद भारद्वाज की तेजतर्रार बहस पर दी।

जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी एवं लोक अभियोजक ने बताया कि 30 अक्तूबर, 2015 को खजाना राम निवासी सैलही, सुंदरनगर द्वारा थाना बिलासपुर में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। जिसमें बताया गया था कि उसकी बेटी रीना देवी की शादी सुनील कुमार पुत्र गुलाब राम निवासी हरनोडा, बिलासपुर के साथ हुई थी। 15 सितम्बर, 2015 को उसके दामाद की हाटकोटी पब्बर नदी में बह जाने के बाद मौत हो गई थी। दामाद की मौत के बाद उसकी बेटी द्वारा जायज वारसान प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पटवारी सुरेश चोपड़ा पुत्र रतन लाल चोपड़ा निवासी मतवाना, घुमारवीं व पटवारी पटवार सर्कल धौनकोठी के पास गई तो दोषी पटवारी उन्हें इस काम के लिए चार-पांच दिन तक बुलाता रहा, लेकिन काम नहीं किया।

29 अक्तूबर, 2015 को पटवारी के पास पटवारखाना गए तो दोषी ने मृत्यु प्रमाण पत्र का इंद्राज अपने रजिस्टर में कर लिया तथा कहा कि वह कानूनगो से भी हस्ताक्षर करवा लेगा। इस काम को करने के लिए 4 हजार रूपए लगेंगे। जिसके बाद शिकायतकर्ता ने पैसे न होने की बात कही तो दोषी ने अगले दिन बामटा में मिलने को कहा। जिसके बाद पीडि़त ने भ्रष्टाचार विरोधी थाना बिलासपुर में उप अधीक्षक तरणजीत सिंह के पास शिकायत की। शिकायत के बाद अन्वेषण के लिए निरीक्षक पवन कुमार भ्रष्टाचार निरोधी थाना बिलासपुर ने उपनिरीक्षक बख्तावर सिंह, आरक्षी पवन कुमार, मानक मुख्य आरक्षी राज कुमार, सुनील कुमार, धर्म सिंह व संत राम, कनिष्ठ अभियंता लोक निर्माण विभाग अनूप गौतम के साथ मिलकर एक ट्रैप टीम बनाई गई। अगले दिन पटवारी को रिश्वत के 4 हजार रूपयों के साथ गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि सभी सबूत इकट्ठे करने के बाद व अभियोजन मंजूरी लेने के बाद दोषी के खिलाफ धारा 72 प्राइस ऑफ कॉरपोरेशन एक्ट 1988 के तहत चालान विशेष अदालत में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि बचाव पक्ष की दलीलों को नकारते हुए विशेष अदालत ने अभियुक्त सुरेश चोपड़ा को दोषी करार देते हुए धारा 7 के अंतर्गत 2 साल का कठोर कारावास व 2 हजार रूपए का जुर्माना तथा जुर्माना अदा न करने की सूरत में 3 महीने अतिरिक्त साधारण कारावास व धारा 13 (2) पीसी एक्ट के अंतर्गत 5 साल का कठोर कारावास व 5 हजार रूपए जुर्माना व जुर्माना अदा न करने की सूरत में 6 महीने का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने बताया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

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