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हिमाचल: बुढ़ापे में टूटी टांग के सहारे लोगों के घरों में जूठे बर्तन धोने को मजबूर हुई महिला


पांवटा साहिब के मिनी सचिवालय से मात्र कुछ ही किलोमीटर दूर जामनिवाला पंचायत के बायकुआं में एक विधवा महिला को आज तक न तो उज्ज्वला योजना का लाभ मिला है और न ही अटल आवास योजना उसके घर तक पहुंची है। विधवा महिला का नाम निर्मला है, जिसकी उम्र 68 वर्ष है। वह जामनिवाला पंचायत में बड़े कष्टों से अपना जीवन व्यतीत कर रही है।

निर्मला देवी ने बताया कि उसकी 2 बेटियां हैं, जिनका विवाह हो चुका है और अब वह अपने टूटे-फूटे घर में अकेली रहती है। निर्मला देवी ने बताया कि लगभग 2 साल पहले गिरने की वजह से उसकी एक टांग टूट गई थी लेकिन पैसों के अभाव में वह इलाज नहीं करवा पाई, जिसकी वजह से वह अब सही तरीके से चल भी नहीं पाती है। निर्मला देवी ने बताया कि वह लोगों के घर में झाड़ू-पौछा कर व जूठे बर्तन धोकर अपनी रोजी-रोटी का इंतजाम करती है।

सरकार ने यूं तो गरीबों के लिए कई योजनाएं चलाई हैं लेकिन उन योजनाओं का लाभ आज तक इस महिला को नहीं मिल पाया है। यूं तो 60 वर्ष के लोगों को बुढ़ापा पैंशन लग जाती है लेकिन इस 68 वर्षीय महिला की अभी तक भी पैंशन नहीं लगी और न ही इस महिला को विधवा पैंशन का लाभ मिला है। यदि समय रहते इस महिला को ये योजनाएं मिल जातीं तो उसको 2 वक्त की रोटी आराम से नसीब हो पाती। महिला ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द ही इस ओर ध्यान दिया जाए और उसकी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए जाएं।

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