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भारतियों के जीवन को ले कर आई बड़ी खबर बिगडते स्वास्थ्य आंकड़ों के बावजूद उम्र बढ़ती हुई आई नजर


भारत में लोगों की फिटनेस को लेकर चिंता के चलते सरकार ने कई स्वास्थ्य संबंधी योजनाओ की ओर कदम बढ़ाया है । हाल ही में फिट इंडिया मूवमेंट को भी चलाया गया । इसका कारण यही ही था की भारत में 60 % से भी ज्यादा लोग किसी भी प्रकार की कोई भी फिजिकल एक्टिविटी नही करते हैं । ऐसे में देश के स्वास्थ्य की चिंता होना बंता भी है और कई प्रयास भी किए जाना ।

जिस तरह से बीमारियाँ और वातावरण होता जा रहा था उसके चलते लोगों की मौत बकी खबर चिंता का विषय भी बंता ही जा रहा था । जहां लोगों की औसत आयु 100 असाकल हुआ करती थी वहाँ पर बीमारियों और तनाव के कारण लोगों की उम्र घर कर 60 साल ही गिनी जा रही थी । पर हाल ही में इस बात को ले कर किए गए सरवेन ने थोड़ी खुशी का अहसास करवाया है ।

स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को दुरुस्त करने की कोशिशों के बीच यह आंकड़ा थोड़ा खुशी देता है कि भारतीयों की जिंदगी बीते 5 दशकों में 19 साल बढ़ी है। दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाले दूसरे देश में लोगों की जिंदगी में यह इजाफा ऐसे दौर में गुआ है, जब विश्व की 50 करोड़ आबादी की जिंदगी 7 साल कम हो गई है। 1970-75 में पैदा हुए किसी बच्चे से 49 साल, 8 महीने और 12 दिन तक जीने की उम्मीद की जा सकती है वहीं 2012-16 के बीच पैदा हुए बच्चे 69 साल तक सर्वाइव कर सकते हैं

भारत ने शिशु मृत्युदर को 2017 तक काफी कम किया है। पहले 1000 में 57 तक बच्चों की मौत हो जाती थी जो कि अब 33 पर ही रह गई है लेकिन वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो यह अभी भी काफी ज्यादा है। ग्लोबल ऐवरेज 29.4 है, इसीलिए अगर शिशु पैदा होने के पहले साल सर्वाइव कर जाता है तो उनके जीवित रहने की उम्मीद काफी हद तक बढ़ जाती है।

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