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कभी आईपीएल में मचाया धमाल, नोटों की हुई बारिश अब गुमनामी के अंधेरे में हुए गुम


आईपीएल 2020 (IPL 2020) के लिए 19 दिसंबर को कोलकाता में नीलामी का आयोजन होना है. देश विदेश के खिलाड़ियों के साथ ही फैंस की नजरें भी इस पर होती है कि किस खिलाड़ी के लिए ज्‍यादा भाव लगता है और कौन ऐसा होता है जिसे कोई खरीदार नहीं मिलता. 2008 में इस टूर्नामेंट की शुरुआत से ही क्रिकेटरों पर काफी पैसा बरसता है. हर बार कई ऐसे नाम होते हैं जो चौंकाते हैं फिर चाहे मोटी बोली की वजह से हो या खरीदार न मिलने की वजह‍ से. लेकिन ऐसे में कई नाम रहे हैं जो एक सीजन में तहलका मचाने के बाद गायब हो गए. उनके बारे में अब कहीं कुछ सुनने को नहीं मिलता. ऐसे ही खिलाड़ियों पर एक नजर डालते हैं.

पॉल वल्‍थाटी: दाएं हाथ के इस बल्‍लेबाज ने 2011 में किंग्‍स इलेवन पंजाब के लिए जबरदस्‍त बल्‍लेबाजी की थी. ओपनिंग करने वाले वल्‍थाटी चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स के खिलाफ 63 गेंद में नाबाद 120 रन उड़ाकर सुर्खियों में आए थे. उस सीजन उन्‍होंने 483 रन बनाए थे और वे सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले बल्‍लेबाजों में छठे नंबर पर रहे थे. लेकिन अगले साल वल्‍थाटी का बल्‍ला नहीं चला. धीरे-धीरे वे आईपीएल से ही गायब हो गए. बाद में वे एयर इंडिया की क्रिकेट टीम से खेला करते थे. पिछले साल वे टी20 मुंबई लीग में खेले थे और अब क्रिकेट की कोचिंग भी देते हैं.

पॉल वल्‍थाटी शतक लगाकर मशहूर हुए थे लेकिन फिर उनका नाम गायब हो गया.

स्‍वप्निल असनोदकर: शेन वॉर्न की कप्‍तानी में राजस्‍थान रॉयल्‍स ने जब 2008 में आईपीएल जीता था तब गोवा के इस छोटे कद के बल्‍लेबाज का बड़ा योगदान था. पारी की शुरुआत करते हुए असनोदकर ने ग्रीम स्मिथ के साथ कई बड़ी साझेदारियां कीं. उन्‍होंने 9 पारियों में 311 रन बनाए और 133.47 की स्‍ट्राइक रखी. लेकिन अगले सीजन में उन्‍हें भी रनों का सूखा झेलना पड़ा और वे भी आईपीएल के सीन से दूर हो गए. 2018 में असनोदकर को गोवा की टीम से भी बाहर कर दिया गया. वे अब क्‍लब क्रिकेट खेलते हैं.

कामरान खान: उत्‍तर प्रदेश के इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की कहानी काफी अनोखी है. मुंबई में एक टी20 टूर्नामेंट में जबरदस्‍त प्रदर्शन के चलते उन्‍हें राजस्‍थान रॉयल्‍स का कॉन्‍ट्रेक्‍ट मिला. शेन वॉर्न उनसे काफी प्रभावित थे. 2009 के आईपीएल में कामरान खान ने अपने अनोखे एक्‍शन से बल्‍लेबाजों को परेशान किया. लेकिन बाद में उनका एक्‍शन संदेह के दायरे में आ गया और उन्‍हें क्रिकेट से दूर होना पड़ा. कामरान ने अपना एक्‍शन सुधारा लेकिन 2011 में सहारा पुणे वॉरियर्स के लिए वे कुछेक मैच ही खेल सके और क्रिकेट के पर्दे से गायब हो गए. इसके बाद उन्‍हें कभी कॉन्‍ट्रेक्‍ट नहीं मिला. कामरान खान काफी गरीब परिवार से आते थे. उनके पिता लकड़हारे थे और क्रिकेट से दूर होने के बाद कामरान भी खेती में चले गए. लेकिन बाद में उन्‍हें सहारा में काम मिल गया और वे अभी उसी के साथ काम करते हैं.

कामरान खान उत्‍तर प्रदेश के मऊ के रहने वाले हैं.

सुदीप त्‍यागी: उत्‍तर प्रदेश के रहने वाले सुदीप त्‍यागी  ने 2009 में अपनी गेंदबाजी से घरेलू क्रिकेट में सनसनी फैला दी थी. उन्‍होंने पहले ही मैच में 10 विकेट लिए थे. ऐसे में उन्‍हें भारतीय तेज गेंदबाजी का भविष्‍य कहा जाता था. 2009 के आईपीएल के लिए चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स ने इस खिलाड़ी को अपने साथ लिया. दक्षिण अफ्रीका में खेले गए इस टूर्नामेंट में प्रभावित किया और एबी डिविलियर्स जैसे बड़े विकेट लिए. उन्‍हें भारतीय टीम की ओर से 4 वनडे खेलने का मौका भी मिला लेकिन वे भी जल्‍द ही खो गए. उन्‍हें चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स ने रिलीज कर दिया. 2013 में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ थे लेकिन खेलने का मौका हासिल नहीं कर पाए.

सुदीप त्‍यागी स्विंग के साथ ही अच्‍छी रफ्तार से भी गेंद डालते थे. मनप्रीत गोनी: पंजाब के इस लंबे चौड़े तेज गेंदबाज ने आईपीएल के पहले सीजन में चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स के लिए कमाल की बॉलिंग की. उन्‍होंने पहले ही सीजन में 17 विकेट निकाले और बल्‍ले से भी कुछ अच्‍छी पारियां खेलीं. इसके बाद उन्‍हें भारतीय टीम में भी चुना गया. लेकिन हांग कांग और बांग्‍लादेश के खिलाफ मैचों में वे नाकाम रहे. इसके बाद से उनका करियर ग्राफ गिरता गया. हालांकि पंजाब की ओर से वे घरेलू क्रिकेट में खेलते रहे. 2013 में किंग्‍स इलेवन पंजाब ने मनप्रीत गोनी को खरीदा. लेकिन कुछ खास असर पैदा नहीं कर पाए. इस साल उन्‍होंने संन्‍यास का ऐलान कर दिया. वे युवराज सिंह के साथ कनाडा में ग्‍लोबल टी20 लीग में शामिल हुए थे.

मनप्रीत गोनी ने साल 2019 में संन्‍यास का ऐलान किया था.

मनविंदर बिस्‍ला: कोलकाता नाइटराइडर्स को 2012 के फाइनल में जीत दिलाने वाले मनविंदर बिस्‍ला (Manvinder Bisla) हरियाणा के रहने वाले हैं. उनकी आईपीएल में शुरुआत 2009 में डेक्‍कन चार्जर्स के साथ हुई थी. लेकिन 2011 से 2014 के दौरान कोलकाता नाइटराइडर्स के लिए खेलकर वे काफी मशहूर हुए. 2012 के फाइनल में तो 48 गेंद में 89 रन की पारी से उन्‍होंने चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स के आईपीएल जीतने की हैट्रिक के सपने को तोड़ दिया था. लेकिन 2014 के बाद केकेआर ने उन्‍हें अलग कर दिया. 2015 में आरसीबी ने उन्‍हें खरीदा लेकिन वे 2 ही मैच खेल पाए. 2016 और 2017 में उन्‍हें किसी ने नहीं खरीदा.

मनविंदर बिस्‍ला अभी आईपीएल से दूर हैं. राहुल शर्मा: लंबे कद के इस लेग स्पिनर ने भी डेक्‍कन चार्जर्स के साथ अपना आईपीएल करियर शुरू किया. फिर वे पुणे वॉरियर्स इंडिया में चले गए. 2011 आईपीएल में सचिन तेंदुलकर को आउट कर वे सुर्खियों में आए. इस सीजन में उन्‍होंने 14 मैच में 3 विकेट लिए. राहुल शर्मा (Rahul Sharma) को टीम इंडिया में भी चुना गया जहां 4 वनडे और 2 टी20 मैच खेलने को मिले. लेकिन वे प्रभावित नहीं कर पाए. बाद में वे एक पार्टी में पकड़े गए जहां ड्रग्‍स लेने के दोषी पाए गए.

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