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10 खिलाड़ी जिन्हें रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद नहीं मिला भारतीय टीम में मौका


टीम इंडिया इन दिनों तीनों फॉर्मेट्स में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है. घरेलू स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाकर खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में जगह हासिल कर रहे हैं. इसके पीछे टीम के कप्तान व मैनेजमेंट का अहम योगदान है.

विश्व कप 2019 के बाद मुख्य कोच व सपोर्टिंग स्टाफ का कार्यकाल खत्म हो गया था. 2017 में टीम के मुख्य कोच बने रवि शास्त्री का भी कार्यकाल विश्व कप के साथ ही समाप्त हो गया. हालांकि रवि शास्त्री अपना कॉन्ट्रैक्ट नवीनीकृत कराने में सफल रहे.

उनके साथ ही गेंदबाजी कोच भरत अरुण और फील्डिंग कोच आर श्रीधर को भी टीम के साथ जोड़ा गया. लेकिन बल्लेबाजी कोच संजय बांगर की जगह विक्रम राठौर को बतौर बल्लेबाजी कोच टीम में शामिल किया गया.

क्या आप जानते हैं कि रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद कई खिलाड़ियों के क्रिकेट करियर खत्म हो गए और उन्हें दोबारा टीम में मौका नहीं दिया गया. तो आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं उन 10 खिलाड़ियों के बारे में जिन्हें रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद टीम में मौका ही नहीं मिल सका…

रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद इन खिलाड़ियों को नहीं मिला मौका

गौतम गंभीर: भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ गौतम गंभीर उन खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हैं जिनमें टैलेंट होते हुए भी रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया।

इस खिलाड़ी के नाम वन डे इंटरनेशनल में 143 इनिंग्स में 39.68 के औसत और 85.25 की स्ट्राइक रेट से 5238 रन हैं। टेस्ट में 104 इनिंग्स खेलते हुए 41.95 के औसत और 51.40 की स्ट्राइक रेट से 8067 रन दर्ज हैं।

गंभीर ने अपना आखिरी टेस्ट मैच इंग्लैंड के खिलाफ 2016 में लिया। वहीं आखिरी ओडीआई मैच 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला। इस खिलाड़ी की प्रतिभा को नज़रअंदाज़ करते हुए टीम भारत की अंतर्राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला।

जिसके बाद 4 दिसंबर 2018 को अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया। आपको बता दें, 2011 विश्वकप फ़ाइनल में उन्होंने सबसे ज़्यादा (97) रन बनाए थे और भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

युवराज सिंह: सिक्सर किंग के नाम से पहचाने जाने वाले युवराज सिंह भी एक ऐसे खिलाड़ी हैं। जिन्हें रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया। इस खिलाड़ी के क्लासिक शॉट्स की भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में भी काफी प्रशंसा की जाती थी। युवराज न केवल बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज थे बल्कि वह एक बेहतरीन गेंदबाज भी रहे।

इस खिलाड़ी के नाम एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 278 इनिंग्स में 87.68 की स्ट्राइक रेट और 36.56 के औसत से कुल 8701 रन दर्ज हैं। वहीं टी20 करियर में युवराज ने 62 इनिंग्स खेलते हुए 57.98 की स्ट्राइक रेट और 37.93 के औसत से 1900 रन बनाए।

युवराज सिंह ने अपना आखिरी एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच 2017 में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ खेला था। और उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ 2012 में खेला था।

2011 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रहते हुए युवराज सिंह ने तूफानी पारी खेलते हुए टीम को जीत दिलाई थी। इस वर्ल्ड कप में उन्हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट के खिताब से नवाज़ा गया था।

युवराज सिंह आईपीएल की 6 फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं और 2019 में वह मुंबई इंडियंस की टीम में नजर आए थे। इस दिग्गज खिलाड़ी ने संन्यास की घोषणा तब की जब भारतीय टीम 2019 वर्ल्ड कप में खेल रही थी।

आपको बता दें, नंबर-4 के इस बल्लेबाज के जाने के बाद से आज तक भारतीय टीम नंबर-4 के दावेदार की तलाश कर रही है। लेकिन अभी भी उसकी खोज जारी है।

3- हरभजन सिंह: भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह के क्या कहने। उनका क्रिकेट करियर भी शानदार रहा लेकिन जब से रवि शास्त्री ने बतौर मुख्य कोच टीम में एंट्री ली तब से इस खिलाड़ी की टीम में नो एंट्री हो गई।

हरभजन सिंह ने टेस्ट में गेंदबाजी करते हुए 190 इनिंग्स खेलते हुए 28580 डिलिवरी की जिसमें बल्लेबाजों ने मात्र 13537 रन बनाए। वहीं एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भज्जी ने 227 इनिंग्स में 12479 डिलिवरी करते हुए 8973 रन दिए।

इस खिलाड़ी के नाम टेस्ट क्रिकेट में 417 और ओडीआई में 269 विकेट हैं। इस खिलाड़ी ने गेंदबाज होते हुए बल्ले से भी काफी योगदान दिया इनके नाम टेस्ट में 2225 रन व ओडीआई में 1237 रन दर्ज हैं।

इन्होंने आखिरी टेस्ट मैच 2015 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था और लास्ट ओडीआई मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2015 में खेला था। हरभजन सिंह के नाम 4 आईपीएल ट्रॉफी है जिसमें वह तीन बार मुंबई व एक बार चेन्नई सुपरकिंग्स में जीती। आपको बता दें, हरभजन सिंह 2018 से चेन्नई सुपरकिंग्स के साथ खेल रहे हैं और 2019 में भी वह धोनी की टीम का ही हिस्सा रहे।

4- इरफान पठान: कपिल देव के बाद ऑलराउंडर खिलाड़ी के तौर पर पहचान बनाने वाले इरफान पठान का क्रिकेट करियर बेहतरीन रहा। हालांकि यह भी रवि शास्त्री के आने के बाद भारतीय टीम में नज़र न आ सके लेकिन इनका भारतीय क्रिकेट में जो योगदान रहा उसे कोई भुला नहीं सकता।

इस खिलाड़ी ने 2003 में टेस्ट में डेब्यू किया। गेंदबाजी करते हुए 54 इनिंग्स में 5884 डिलिवरी कर 3226 दिए। बल्लेबाजी करते हुए 40 इनिंग्स में 1105 रन बनाए। वहीं यदि बात करें इनके एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय करियर की तो 87 मैचों में बल्लेबाजी करते हुए 1544 रन बनाए और गेंदबाजी करते हुए 5855 गेंदों पर 5143 रन दिए।

इरफान पठान ने अपना आखिरी ओडीआई 2012 में श्रीलंका के किलाफ खेला था। और 2008 में अपना आखिरी टेस्ट मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला।

इनके नाम ओडीआई में 173 और टेस्ट में 100 विकेट दर्ज हैं। इन्होंने 2008 से चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम का हिस्सा बनते हुए आईपीएल खेलना शुरू किया और मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हुए 2017 में आखिरी आईपीएल सीज़न खेला।

आपको बता दें, इरफान पठान पहले भारतीय हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने का कारनामा किया था। साथ ही इनके नाम बतौर भारतीय गेंदबाज सबसे तेजी से टेस्ट क्रिकेट में 100 विकेट लेने का रिकॉर्ड भी दर्ज है।

5- रॉबिन उथप्पा: 2006 इंग्लैंड के खिलाफ अपने एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय करियर की शुरूआत करने वाले रॉबिन उथप्पा को उन दिनों स्टार प्लेयर माना जाता था। उन्होंने भारतीय टीम का हिस्सा होते हुए 42 इनिंग्स खेली। जिसमें 90.59 की स्ट्राइक रेट और 25.94 के औसत से 994 रन बनाए। वहीं अंतर्राष्ट्रीय टी-20 करियर में 12 इनिंग्स खेलते हुए 249 रन बनाए।

उन्होंने अपना आखिरी ओडीआई 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला तो वहीं आखिरी अंतर्राष्ट्रीय टी 2015 में ही जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला। हालांकि इन मैचों में उन्होंने कुछ खास खेल नहीं दिखाया।

उथप्पा ने 2008 से रॉयल चैलेंजर्स के साथ अपने आईपीएल करियर की शुरूआत की। इस खिलाड़ी ने 2016-17 में गंभीर के साथ खेलते हुए इनके रिकॉर्ड्स अच्छे रहे। लेकिन फिर उन्हें नीचे बल्लेबाजी के लिए भेजा जाने लगा और उनका रनों का ग्राफ गिरने लगा।

आईपीएल 2019 में कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से खेलते हुए इस खिलाड़ी ने निराशाजनक प्रदर्शन किया। जिसमें इनकी धीमी बल्लेबाजी के लिए काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

इन आंकड़ों के अनुसार रॉबिन का करियर कुछ खासा अच्छा नहीं रहा लेकिन यदि उन्हें आगे टीम में मौका मिलता तो वह यकीनन बेहतरीन प्रदर्शन करते। क्योंकि उनमें वो ज़ज्बा था की वह क्रिकेट की दुनिया में कुछ आयाम हासिल करें। लेकिन किस्मत से उन्हें आगे मौके नहीं मिल सके।

6- अमित मिश्रा: भारतीय टीम के लेग स्पिनर अमित मिश्रा का क्रिकेट करियर ज्यादा लंबा नहीं रहा लेकिन उन्होंने जितना खेला अच्छा खेला। लेकिन उनकी गेंदबाजी ने बड़े-बडे़ दिग्गजों के विकेट चटकाए। अमित ने 2008 में टेस्ट डेब्यू कर 5103 डिलिवरी में मात्र 2715 रन दिए।

वहीं उनके एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय करियर की बात करें तो उन्होंने 2003 में भारतीय टीम का हिस्सा बनते हुए 34 इनिंग्स में 1917 गेंदों पर 1512 रन दिए। इसी के साथ टेस्ट में 76 और ओडीआई में 64 विकेट लिए।

इस खिलाड़ी का आखिरी टेस्ट मैच इंग्लैंड के खिलाफ 2016 में खेला। वहीं उन्होंने अपना आखिरी ओडीआई मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला।

7-स्टूअर्ट बिन्नी: स्टुअर्ट बिन्नी पूर्व तेज गेंदबाज रोज़र बिन्नी के बेटे हैं। जी हां, रोजर बिन्नी को तो आप जानते ही होंगे। वह 1983 में भारत के वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने 1983 के वर्ल्ड कप के दौरान सर्वाधिक विकेट झटकने की लिस्ट में टॉप पर रहे।

स्टुअर्ट बिन्नी का क्रिकेट का उभरता हुए सितारा रहे। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय एक दिवसीय क्रिकेट में बेहतरीन गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। इस खिलाड़ी ने 490 गेंदों में 439 रन दिए। इस खिलाड़ी ने बल्ले से भी टीम को जीत दिलाने में काफी मदद की।

बिन्नी ने 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ खेलते हुए ऐसी गेंदबाजी का प्रदर्शन किया जिसकी तारीफ आज भी लोगों के जुबान पर है। इस मैच में बिन्नी ने मात्र 4 रन देकर 6 विकेट झटके थे।

इसी के भारत के दिए 105 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 58 रनों पर बांग्लादेश की पूरी टीम पवेलियन लौट गई। और भारती ने यह मैच आसानी से जीत लिया।

स्टुअर्ट बिन्नी के पिता से प्रेरित होकर उन्होंने क्रिकेट में अपना भविष्य बनाने की सोची। हालांकि बिन्नी को उनके टैलेंट के अनुसार उतने मौके नहीं मिल सके। शास्त्री के कोच बनते ही उनके अंतर्राष्ट्रीय करियर मानो खत्म ही हो गया।

उन्होंने 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया और 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ आखिरी मैच खेला।

8- जयंत यादव जयंत यादव भी उन खिलाड़ियों की लिस्ट में शुमार हैं जिन्हें मुख्य कोच रवि शास्त्री के आने के बाद भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया। इस ऑलराउंडर खिलाड़ी का करियर बेहद छोटा रहा। टेस्ट में 2016 में इन्होंने डेब्यू किया और 2017 में अपना आखिरी मैच खेला।

जयंत ने टेस्ट में 6 इनिंग्स में 45.6 के औसत से 228 रन बनाए। इसी के साथ उन्होंने एक दिवसीय क्रिकेट में भी न्यूजीलैंड के खिलाफ 2016 में पदार्पण किया और वहीं उनका आखिरी मैच भी रहा।

भारत के इस ऑलराउंडर खिलाडी को न तो भाग्य का साथ मिला और न टीम के कोच का साथ।जयंत यादव ने 2015 में आईपीएल में शामिल हुए और अभी 2019 में मुंबई इंडियस का हिस्सा रहे।

9- युसुफ पठान भारतीय स्टार गेंदबाज इरफान पठान के भाई युसुफ पठान भी एक वक्त पर भारतीय टीम में शामिल थे। इस खिलाड़ी का क्रिकेट करियर अधिक लंबा नहीं रहा लेकिन इनकी हिटिंग्स काफी मशहूर हुई। इन्होंने एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 2008 में डेब्यू किया और 2012 में अपना आखिरी मैच खेला।

इस खिलाड़ी की खासियत रही की यह अपनी हिटिंग्स से खेल बदलने का दम रखता। लेकिन इनका घरेलू क्रिकेट मेंं प्रदर्शन अच्छा रहा। ओडीआई में इनके नाम 810 रन और 33 विकेट दर्ज हैं । और अंतर्राष्ट्रीय टी 20 में 236 रन व 13 विकेट्स हैं।

आईपीएल में यह खिलाड़ी लगातार टीम का हिस्सा बना हुआ है। आईपीएल 2019 सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेला। आपको बता दें, युसुफ पठान वर्ल्डकप 2011 की वर्ल्ड कप टीम में शामिल रहे थे।

इस खिलाड़ी ने वनडे क्रिकेट में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 2 शतकीय पारी खेली थी। इसमें एक न्यूजीलैंड और दूसरा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आया था।

10- मोहित शर्मा मोहित शर्मा ने भारतीय टीम में शामिल रहे। यह दाहिने हाथ के स्लो-मीडियम बॉलर हैं। इस खिलाड़ी ने 2013 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलते हुए अपने एक दिवसीय क्रकिट करियर की शुरूआत की। 25 मैचों में गेंदबाजी करते हुए 1121 बॉल फेंकी जिसमें 1020 रन दिए।

इस खिलाड़ी ने अंतर्राष्ट्रीय टी20 करियर की शुरूआत 2014 में की। इसमें इन्होंने 8 इनिंग्स खेलते हुए 138 गेंदों पर 185 रन दिए। साथ ही आपको बता दें, शर्मा जी के नाम एक दिवसीय में 31 और टी20 में 6 विकेट हैं।

मोहित शर्मा का भारतीय टीम का सफर अधिक लंबा नहीं रहा। उन्होंने 2015 में अपना आखिरी ओडीआई व टी-20 मैच खेला। इसी के साथ इनका भारतीय टीम का साथ खत्म हो गया।

इस खिलाड़ी ने 2013 में आईपीएल में अपना डेब्यू मैच खेला और तब से लगातार यह आईपीएल टीम का हिस्सा हैं। इस खिलाड़ी आईपीएमल में 85 इनिंग्स खेलते हुए 91 विकेट्स झटके हैं।

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