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यूट्यूब से ली नोट छापने की ट्रेनिंग, इनके नकली वाले के आगे असली फेल


झारखंड पुलिस ने दो लोगों को जाली नोट छापने के आरोप में पकड़ा है. इन दोनों आरोपियों आरुष और रजनीश का लाइफ स्टाइल काफी हाईप्रोफाइल था. वे दोनों खुद को बहुत पैसे वाला दिखाते थे. 

आरूष वर्मा अभी पढ़ाई कर रहा है और वह मॉडलिंग के क्षेत्र में काम करता है. उसके साथ जाली नोट धंधा करने वाले रजनीश कुमार राउत ने सिर्फ इंटर तक पढ़ाई की है. दोनों के पास ब्रांडेड कपड़े, जूते व अन्य सामान मिले हैं. वह लोग धनबाद में भी पॉश इलाके में बढ़िया मकान में किराए पर रहते थे, ताकि किसी को उनके ऊपर जल्दी शक ना करे. शनिवार को आयुष अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रंगरलिया मनाने रांची निकला था. गोला में जब पुलिस ने आरुष को पकड़ा तो उसने धनबाद में अपना पता बताया.

उसके आधार पर धनबाद थाना क्षेत्र की माडा कॉलोनी में पुलिस ने छापेमारी की. वहां से पुलिस ने लैपटॉप, प्रिंटर, नोट छापने के लिए कागज जब्त किये. उस फ्लैट में आरुष और रजनीश ने मिलकर 100 के दोनों तरफ छपे हुए 119 पेज एवं ए4 साइज पर एक तरफ छपे हुए 100 के 35 पेज को प्रिंट किया था.
रामगढ़ एसपी ने बताया कि इस गिरोह के पास जाली नोट का कारोबार करने के लिए काफी उपकरण थे. उनके फ्लैट से जितने सामान मिले हैं, उससे वे लोग 1 घंटे में एक करोड़ रुपए के जाली नोट छाप सकते थे. वे लोग जाली नोट बनाने के लिए जिस पेपर का इस्तेमाल करते हैं, वह 85 जीएसएम का है. यह पेपर मार्केट में आमतौर पर उपलब्ध है. उन लोगों के पास जो लैपटॉप मिला है, उसमें भारतीय करेंसी के 10 से लेकर 2000 तक के नोटों के मॉडल तैयार किए गए हैं. इन सभी नोटों के लिए उन लोगों ने अलग-अलग नंबर भी बना के रखे हैं.

रजनीश ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि जाली नोट बनाने के लिए उसने यूट्यूब का सहारा लिया. यूट्यूब पर कई ऐसे वीडियो उसने खंगाले. इसके बाद उसने अपने लैपटॉप पर 10 से लेकर 2000 तक के नोट का मॉडल तैयार किया. उसने बाजार में उपलब्ध सामान्य ए4 पेपर को देखा कि यह 50 जीएसएम का है. इसे आसानी से पकड़ा जा सकता है. उसने 85 जीएसएम का पेपर नोट बनाने के लिए इस्तेमाल किया.
जाली नोटों को खपाने के लिए इस गिरोह ने जनरल स्टोर्स और पेट्रोल पंप को चिन्हित किया था. एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि यह लोग अपने पास जेब में असली नोटों के साथ खुद के द्वारा बनाए गए जाली नोट के रखते थे. पेट्रोल पंप पर दुकानों में जैसे ही कोई व्यक्ति 2000 या 500 के नोट का चेंज मांगता था, तो वे लोग असली नोटों के साथ नकली नोट मिलाकर उसे दे देते थे.

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