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हिमाचल: सरकारी डिपुओं में फिर महंगा होगा आटा, दाल


सस्ते दामों पर उपलब्ध हो रही दालें व आटा फिर महंगा होगा है। एक साल के भीतर तीसरी बार अनुदान पर दी जा रही दालों के रेट बढ़ाकर 55 और 40 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिए हैं। इसके अलावा 8.60 रुपए प्रति किलोग्राम आटे की दरों में 70 पैसे वृद्धि कर इसे 9.30 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिया है। खास है कि 35 रुपए प्रति किलोग्राम डिपुओं में उपलब्ध हो रही उड़द की दाल का भाव इस माह से 55 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिया है। इसी तरह 40 रुपए प्रति किलोग्राम मिल रही मूंग की दाल भी अब 55 रुपए की मिलेगी। 

आम घर की पहली पसंद मलका का रेट भी 30 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिया है। दाल चना भी इस महीने 30 रूपए प्रति किलोग्राम की बजाए 40 रूपए प्रति किलोग्राम मिलेगी। उल्लेखनीय है एक साल पहले उड़द की दाल 35, मूंग दाल 40 और दाल चना तथा मलका 30-30 रुपए प्रति किलोग्राम मिल रही थी। इसके बाद तीसरी बार कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद उड़द तथा मूंग 55 रुपए प्रति किलोग्राम तथा दाल चना और मलका 40 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। अहम है कि सस्ते दामों पर उपलब्ध करवाई जा रही इन दालों की कीमत ओपन मार्केट से अभी भी कम है।

सरकारी डिपुओं में सस्ते दामों पर उपलब्ध करवाए जा रहे 75 रुपए प्रति लीटर खाद्य तेल के लगातार सैंपल फेल हो रहे हैं। इसके चलते राज्य सरकार हरियाणा के सरकारी उपक्रम हेफेड से खाद्य तेल की आपूर्ति करवा सकता है। इस सूरत में खाद्य तेल भी महंगा होना तय है। हालांकि अभी तक खाद्य निगम के पास पिछली सप्लाई का भंडारण मौजूद है। इस कारण डिपुओं में खाद्य तेल आसानी से दिया जा रहा है।

जनता पर दोहरा प्रहार आसमान छू रही दाल की कीमतों पर उपभोक्ताओं को दोहरा प्रहार हो रहा है। खाद्य एवं आपूर्ति निगम पिछले तीन महीनों की दालों का कोटा डिपुओं तक पहुंचाने में नाकाम रहा है। जनवरी माह में चना दाल को छोड़कर बाकी दालों की आपूर्ति पहुंच गई है। चौंकाने वाली बात है कि अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर तीन महीनों की दालें अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई है।

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