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स्पर्म काउंट बढ़ाने के घरेलू उपाय और शारीरिक कमजोरी होगी दूर


शुक्राणु(स्पर्म) शब्द यूनानी शब्द (σπέρμα) स्पर्मा से व्युत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ है 'बीज' जिसका अर्थ पुरुष की प्रजनन कोशिकाओं से है। विभिन्न प्रकार के यौन प्रजननो जैसे एनिसोगैमी (anisogamy) और ऊगैमी (oogamy) में एक चिह्नित अंतर है, जिसमें छोटे आकार के युग्मकों (gametes) को 'नर' या शुक्राणु कोशिका कहा जाता है। पुरुष शुक्राणु अगुणित होते है इसलिए पुरुष के 23 गुण सूत्र (chromosome) मादा के अंडाणुओं के 23 गुणसूत्रों के साथ मिलकर द्विगुणित बना सकते है।
एक स्वस्थ पुरुष के शरीर में प्रति सेकेंड 1,500 स्पर्म्स (How To Increase Sperm Count) यानी शुक्राणु बनते हैं, लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी तनावपूर्ण ज़िंदगी व आधुनिक जीवनशैली के कारण बहुत-से पुरुष शुक्राणुओं की कमी की समस्या का सामना रहे हैं. इतना ही नहीं, शुक्राणुओं की गुणवत्ता भी घट रही है. स्पर्म काउंट कम होने से उनकी फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ता है. एक अध्ययन के अनुसार, पुरुषों की फर्टिलिटी से जुड़ी 90 फ़ीसदी समस्याएं शुक्राणुओं की कमी के कारण होती हैं. आपको यह जानकर आश्‍चर्य होगा कि स्पर्म काउंट का सीधा संबंध खानपान से है. डायट जितनी अच्छी होगी, स्पर्म काउंट उतना बेहतर ही होगा. इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों का जानकारी दे रहे हैं, जो शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ सेक्सलाइफ़ बेहतर बनाने में मददगार सिद्ध होंगे.

स्पर्म प्रोडक्शन के लिए ऑइस्टर
शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में ज़िंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ऑइस्टर यानी घोंघा ज़िंक का उत्तम स्रोत है. यह स्पर्म प्रोडक्शन यानी शुक्राणुओं का उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है. अतः रोज़ाना 50 ग्राम ऑइस्टर का सेवन कीजिए.

स्वस्थ स्पर्म के लिए अंडे
प्रोटीन व विटामिन ई से भरपूर अंडे स्वस्थ शुक्राणुओं के उत्पादन में मदद करते हैं. स़िर्फ इतना ही नहीं, यह स्पर्म काउंट (How To Increase Sperm Count) बढ़ाने के साथ-साथ प्रजनन क्षमता को कम करने वाले फ्री रेेडिकल्स से लड़ने में भी मदद करते हैं. इसलिए रोज़ाना दो अंडे ग्रहण कीजिए.
एंटीऑक्सिडेंट्स के लिए डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट्स में अमिनो एसिड्स पाए जाते हैं. जो स्पर्म काउंट दोगुना करने के साथ ही सीमन (वीर्य) को गाढ़ा बनाने में भी मदद करते हैं. इसके अलावा डार्क चॉकलेट में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो पुरुषों की फर्टिलिटी को प्रभावित करने वाले फ्री रेडिकल्स को दूर करने में मददगार होते हैं. लेकिन बहुत ज़्यादा चॉकलेट नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे वज़न बढ़ सकता है, जिसकी वजह से शरीर में टेस्टोस्टेरॉन नामक सेक्स हार्मोन कासंतुलन को बिगाड़ जाता है, नतीजतन स्पर्म काउंट कम होता है. दिनभर में एक टुकड़ा डार्क चॉकलेट काफ़ी है. चॉकलेट जितना डार्क होगा, स्पर्म काउंट बढ़ाने में उतना ही फ़ायदेमंद होगा.
शुक्राणुओं की गतिशीलता के लिए लहसुन

अगर लहसुन की तेज़ महक से आपको कोई परेशानी नहीं है तो इसका सेवन शुरू कर दीजिए. इसमें दो जादुई सत्व पाए जाते हैं-पहला है एलिसिन, जो पुरुषों के सेक्सुअल ऑर्गन में ब्लड फ्लो को बढ़ाता है और स्पर्म को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है और दूसरा है सेलेनियम- यह एक प्रकार का एंटीऑक्सिडेंट है, जो शुक्राणुओं की गतिशीलता को बढ़ाता है. प्रति दिन दो लहसुन की कलियां खाना पर्याप्त होगा.
कामेच्छा के लिए केला
पुरुषों की योनि की तरह दिखने वाला यह फल उनके सेक्सुअल हेल्थ के लिए अच्छा होता है. केले में ब्रोमेलिन नामक एंज़ाइम पाया जाता है, जो पुरुषों की कामेच्छा बढ़ाने व सेक्स हार्मोन्स को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी, ए और बी 1 पाया जाता है, जो पुरुषों के शरीर में शुक्राण पैदा करने की क्षमता को बढ़ाता है.
सेक्स हार्मोन्स के लिए कद्दू के बीज
इसमें मौजूद ओमेगा थ्री फैटी एसिड्स मेल ऑर्गन्स में रक्त संचार बढ़ाते हैं. रोज़ाना एक मुठ्ठी कद्दू के बीज खाने से शरीर में टेस्टोस्टेरॉन नामक सेक्स हार्मोन का स्राव व स्पर्म काउंट बढ़ता है.
ऐक्टिव शुक्राणुओं के लिए ब्रोकोली
शरीर में विटामिन ए की कमी से प्रजनन क्षमता कम होती है, क्योंकि इसकी कमी से स्पर्म्स सुस्त हो जाते हैं. इससे बचने के लिए अपने खाने में विटामिन ए से भरपूर ब्रोकोली शामिल करें. इसका सेवन करने से शुक्राणु ऐक्टिव व हेल्दी बनेंगे.
स्पर्म काउंट के लिए अखरोट
ओमेगा-3 फैटी एसिड्स स्पर्म काउंट व मेल ऑर्गन्स में ब्लड फ्लो बढ़ाने में मदद करते हैं. अखरोट ओमेगा-थ्री फैटी एसिड्स का बढ़िया स्रोत है. रोज़ाना एक मुट्ठी अखरोट खाने से स्पर्म की संख्या बढ़ेगी और उनका आकार भी बेहतर होगा.
अन्य घरेलू उपाय
1- चार-पांच बादाम को रातभर पानी में भिगोएं, सुबह पीसकर महीन पेस्ट बनाकर एक ग्लास दूध में डालकर दूध उबालें. उसमें एक चम्मच देसी घी व मिश्री डालकर पिएं.
2- एक ग्राम इलायची के दानें, एक ग्राम जावित्री, 10 ग्राम मिश्री को पांच बादाम के पेस्ट में मिलाकर सुबह खाली पेट पिएं.
3- रोज़ाना आधा ग्राम जायफल पाउडर पानी के साथ लें.
इन बातों का रखें ध्यान
1-शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के लिए योग का सहारा लें. रोज़ाना भस्त्रिका प्राणायाम, हलासन, सूर्यनमस्कार, सेतूबंघासन व धनुरासन करें. इससे प्रजनन क्षमता व शुक्राणुओं की संख्या बढ़ने में मदद मिलती है.
2- तनाव से दूर रहें. हमेशा तनाव में रहने से शुक्राणुओं की संख्या व उनकी गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.
3- एल्कोहल व सिगरेट का सेवन करने से बचें.
4. ज़्यादा कसा हुआ अंडरवियर न पहनें. रात में जीन्स पहनकर न सोएं. ढीला-ढाला पायजामा पहनकर सोने की आदत डालें.
5- लैपटॉप को जांघ पर रखकर काम न करें.

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