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छलका दर्द : हिमाचल में फंसे प्रवासी, ‘हम जीएं-चाहे मरें, बस, हमें अपने घर पहुंचा दीजिए’


Himchal Pradesh के जिला ऊना के गगरेट क्षेत्र में रह रहे 42 प्रवासी बिना परमिट अपने राज्य यूपी, बिहार और झारखंड के लिए पैदल ही निकल चुके थे, लेकिन बसाल गांव के पास पुलिस (Police) ने उन्हें रोक लिया और बसों का इंतजाम कर वापिस गगरेट (Gagret) भेज दिया. सभी प्रवासी बार-बार उन्हें घर पहुंचाने की गुहार लगा रहे थे, वहीँ पुलिस (Police) ने उन्हें प्रशासन से पास लेने के बाद ही घरों को जाने के निर्देश देते हुए वापिस लौटा दिया.

ऐसे छलका दर्द हम जीएं, चाहे मरे बस हमें अपने घर पहुंचा दीजिए. ये शब्द आंखों में आंसू भरे हुए गगरेट से पैदल घर जाते हुए यूपी के गोरखपुर के रहने वाले प्रवासी व्यक्ति ने कहे. ये एक प्रवासी के मन की बात नहीं, बल्कि गगरेट से झारखंड, बिहार और यूपी जाने वाले 42 प्रवासियों का दर्द था.

सभी से पूछताछ की सभी प्रवासी सोमवार को गगरेट से वापिस घर जाने के लिए पैदल ही चल पड़े थे, लेकिन 40 किलोमीटर सफर तय करने के बाद बसाल में थाना प्रभारी ऊना दर्शन सिंह ने सभी को रोक लिया. जहां पर सभी से पूछताछ की और इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी. प्रशासन के निर्देश के बाद निगम की बसों के माध्यम से देर रात इन कामगार मजदूरों को वापिस गगरेट भेजा गया. प्रवासियों ने कहा कि जिस उद्योग में वो काम करते थे, वहां काम बंद है, ऐसे में उनका जहाँ पर गुजरा नहीं हो रहा है. प्रवासियों ने सरकार से जल्द ही उनको घर भेजने की गुहार लगाई है.

बोली पुलिस SHO ऊना सदर थाना दर्शन सिंह ने कहा कि बिना परमिट किसी को भी कहीं जाने की इजाजत नहीं है. ऐसे में प्रवासी मजदूरों को बसाल में रोककर दोबारा गगरेट भेजने का इंतजाम किया गया है.

क्वारंटीन अवधि पूरी कर चुके 33 प्रवासी यूपी रवाना इससे पहले, बीते सोमवार को बफर क्वारंटीन में रखे गए 33 प्रवासी 36 दिनों बाद अपने राज्य उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हो गए. ऊना प्रशासन ने उतर प्रदेश के डीएम से बात कर क्वारंटीन केंद्र में रखे गए प्रवासियों की घर वापिसी का मार्ग प्रशस्त किया. जिला प्रशासन ने निजी बस के माध्यम से प्रवासियों की घर वापिसी में मदद की वहीँ इन्हे रास्ते में खाने पीने के लिए फ़ूड पैकेट भी उपलब्ध करवाए गए. यूपी के लिए बस जैसे ही ऊना से रवाना हुई, तो बस में बैठे सभी यात्रियों ने मुस्कुराते हुए राधा स्वामी कह कर सत्संग घर के स्वयंसेवकों का धन्यवाद किया. जिला प्रशासन ने इनकी वापसी के लिए बस का प्रबंध किया था. बसों में बिठाने से पहले बसों का सेनेटाइज किया गया है. रास्ते के लिए खाने के पैकेट व पानी की बोतलें भी दी गई.

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