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मृत्‍यु के बाद मृतक का सिर हमेशा दक्षिण दिशा में ही क्यों रखा जाता है ?


आप सभी लोगों को तो भगवान श्री कृष्ण और उनकी प्रेमिका राधा के बारे में जरूर मालूम होगा जहां जहां भगवान श्री कृष्ण का नाम लिया जाता है उनके साथ उनकी प्रेमिका राधा का नाम भी जरूर लिया जाता है भगवान श्री कृष्ण और राधा की प्रेम कहानी इतिहास में अमर हो गई और आज भी दोनों की प्रेम कहानी को प्रेम का प्रतीक माना जाता है।

लेकिन दोस्तों की आप लोगों को मालूम है भगवान श्री कृष्ण की प्रेमिका राधा की मृत्यु कैसे हुई थी यदि नहीं जानते तो पोस्ट को पूरा पढ़ें क्योंकि आज हम आप लोगों को इस पोस्ट के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण की प्रेमिका राधा की मृत्यु के बारे में बताने जा रहे हैं।

बता दें लोककथाओं के अनुसार अपने जीवन के अंतिम दिनों में राधा ने अपना घर छोड़ दिया था और कृष्ण से मिलने द्वारका चली गईं थीं. जब आखिरकार ये दोनों मिले तो दोनों ने कुछ नहीं कहा. दोनों जानते थे कि मन से दोनों जुड़े हुए थे। लेकिन राधा को लगा कि कृष्ण से करीब रहना उस तरह का सुख नहीं दे रहा है जिस तरह उन्हें तब लगता था।

जब वो मन से कृष्ण से जुड़ी हुई थीं. राधा बिना कुछ बोले महल छोड़कर चली गईं। अंतिम क्षणों में कृष्ण ने राधा की अंतिम इच्छा पूरी की जिसमें उन्होंने राधा को सबसे मधुर बांसुरी की धुन बजाकर सुनाई. इसके बाद ही राधा जी कृष्ण में विलीन हो गईं. किसी भी पुराण में राधा की मृत्यु का वर्णन नहीं मिलता।

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