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OMG! कोरोना के खात्मे के लिए तपती गर्मी में आग के धूनों के बीच तपस्या कर रहा ये साधु


पलवल. जिले के गांव पहलादपुर में एक अनूठा नजारा सामने आया जहां मंदिर का मंहत तपती गर्मी में जलते आग के धूनों के बीचों बीच बैठकर तपस्या कर रहा है. यह तपस्या यमुना किनारे स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर मंदिर के महंत श्री श्री 108 श्री बालिक दास महाराज द्वारा की जा रही है. इस तपस्या के दौरान मंदिर (Temple) के चारों तरफ अग्नि प्रज्वलित कर बीच में बैठकर तपस्या में लीन है. गांव पहलादपुर निवासी व मंहत के शिष्य पंडि़त श्याम ने बताया कि इस तपस्या का शुभारम्भ सोमवार 4 मई से किया गया जो अगले 41 दिन तक चलेगी.

इस तपस्या के दौरान बाबा बालिक दास महाराज इसी तरह प्रत्येक दिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अग्नि के धूनों के बीचों बीच बैठकर तपस्या करेंगे. शुरुआत में सोमवार के दिन तपस्या स्थल पर मंदिर के महाराज 21 जगह 21-21 उपलों की अग्नि प्रज्वलित कर उसके बीचों बीच बैठकर तप कर रहे है आगे हर दिन एक एक उपला धुने में बढ़ता रहेगा.

41 दिनों तक चलेगी तपस्या इस तपस्या का समापन 41 दिन बाद होगा. उन्होंने बताया कि महाराज की यह सातवीं अग्नि तपस्या है. इससे पहले 6 अग्नि तपस्या गुरु गोरख नाथ मंदिर कटवारिया सराय नई दिल्ली में कर चुके हैं. अबकी बार उन्होंने अपने दूसरे आश्रम प्राचीन शिव मंदिर प्रह्लादपुर को चुना है. उन्होंने बताया कि अग्नि तपस्या के अलावा वो कई बार जल तपस्या भी कर चुके है. उन्होंने बताया कि इस तपस्या का उद्देश्य देश-प्रदेश में व्याप्त बीमारियों के निदान और पर्यावरण स्वच्छ्ता के साथ साथ आमजनमानस में सुख शांति और समृद्धि लाना है.

कोरोना के खात्मे के लिए की जा रही तपस्या उन्होंने बताया कि इस तपस्या के जरिये महाराज का मुख्य उद्देश्य देश में फेल रही कोरोना नामक बीमारी को जड़ से खत्म करने का प्रयास है. आपको बता दें कि इस दौरान मंदिर प्रांगण में लॉकडाउन और कोरोना वायरस के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के नियमों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. मंदिर प्रांगण में तपस्या में लीन महाराज के अलावा दो चार व्यक्ति ही मौजूद है और वो भी अलग अलग अपने कामों में लगे हुए है.

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