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ट्यूशन फीस के अलावा कोई अन्य फीस नहीं ले सकेंगे निजी स्कूल


कोरोना वायरस (कोविड-19) वैश्विक महामारी के बीच उत्पन्न परिस्थितियों के चलते हिमाचल प्रदेश में स्थित सभी निजी स्कूल अब अभिभावकों से तिमाही आधार पर ट्यूशन फीस नहीं वसूल पाएंगे। निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों के अभिभावकों से अब ट्यूशन फीस मासिक आधार पर ही वसूली जाएगी। अभिभावकों से अब निजी स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे और ट्यूशन फीस के अलावा कोई अन्य फीस नहीं ली जा सकेगी। लॉकडाऊन की अवधि के दौरान अगर कोई अभिभावक ट्यूशन फीस नहीं भी जमा करवा पाते हैं तो निजी स्कूल प्रबंधन कोई जुर्माना नहीं लगाएगा और न ही बच्चे का नाम स्कूल से काटा जा सकेगा। लॉकडाऊन के बीच वित्तीय तंगहाली के चलते अगर कोई अभिभावक फीस जमा करवाने में असमर्थ हैं तो भी उक्त बच्चे को ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित नहीं रखा जा सकेगा।

उच्च शिक्षा विभाग ने जारी की अधिसूचना

बीते 23 मई को मंत्रिमंडल की बैठक में निजी स्कूलों द्वारा वसूली जाने वाली फीस को लेकर निर्णय लिए जाने के बाद बुधवार को उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध मेें अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के माध्यम से निजी स्कूलों के प्रबंधनों को फीस को लेकर जारी निर्देशों से अवगत करवाया गया है। ये आदेश सभी निजी स्कूलों पर लागू होंगे, चाहे वे किसी भी शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त हों। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों/हैडमास्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमों की अनुपालना करें। अधिसूचना में शामिल बिंदु प्रदेश में स्थित सभी निजी स्कूलों पर लागू होंगे। नियमों की अनुपालना न करने पर संबंधित निजी स्कूल पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
निजी स्कूल नहीं बढ़ा सकेंगे ट्यूशन फीस

निजी स्कूलों को जारी आदेशों में साफ किया गया है कि निजी स्कूल प्रबंधन ट्यूशन फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। इसके अलावा ट्यूशन फीस की आड़ में कोई भी अतिरिक्त या गुपचुप आधार कोई अन्य फीस नहीं वसूली जा सकेगी। लॉकडाऊन की अवधि के दौरान ट्रांसपोर्टेशन फीस वसूलने पर रोक रहेगी, जबकि बिल्डिंग फंड, मैंटीनैंस फंड, स्पोर्ट्स फंड, कम्प्यूटर फीस व को-करिकुलर फीस आदि की वसूली भी टालने के आदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों को दिए हैं।
शिक्षक-गैर शिक्षकों का वेतन नहीं कटेगा

फंड की गैर-उपलब्धता के नाम पर निजी स्कूलों के प्रबंधन/ट्रस्ट शिक्षक व गैर-शिक्षक कर्मचारियों का मासिक वेतन न ही काट सकेंगे और न कम कर सकेंगे। इसको लेकर भी उच्च शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी किए हैं। फंड की कमी की सूरत में निजी स्कूल संचालित कर रही सोसायटी/ट्रस्ट को फंड की व्यवस्था करनी होगी।

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