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21 जून को है सूर्य ग्रहण, सूतक काल में करें इन मन्त्रों का जाप


आप सभी जानते ही होंगे आने वाले 21 जून को सूर्यगहन लगने वाला है. ऐसे में ग्रहण का स्पर्श सुबह 10.14 मिनट पर, ग्रहण का मध्य 11.56 मिनट पर और ग्रहण का मोक्ष 1.38 मिनट पर होगा. वहीं ग्रहण का सूतक काल 20 जून की रात 10.14 मिनट से आरंभ हो जाएगा. आप सभी को बता दें कि सूतक 21 जून की दोपहर 1.38 तक रहने वाला है. वहीं साल 2020 का ये एक मात्र ग्रहण होगा जो भारत में दिखेगा और इसका धार्मिक असर भी मान्य होगा. आप सभी को बता दें कि यह ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र में और मिथुन राशि में लगेगा और इस दिन राहु-केतु के अलावा गुरु, शनि, बुध और शुक्र वक्री रहेंगे. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप सूतक काल में किन मन्त्रों का जाप कर सकते हैं.

सूतक काल में करें सिर्फ मंत्र जाप - ग्रहण के सूतक काल में पूजा-पाठ नहीं करनी चाहिए और इस समय में अपने इष्टदेव के मंत्रों का जाप करना चाहिए. इसी के साथ मंत्र जाप भी मन ही मन में करना चाहिए. जी दरअसल ऐसी मान्यता है कि ग्रहण काल में किए गए मंत्र जाप का फल जल्दी मिल सकता है. ध्यान रहे ग्रहण पूर्ण होने के बाद स्नान करें और स्नान के बाद जरूरतमंद लोगों धन-अनाज का दान करें. जी दरअसल इस समय में किए गए शुभ कर्म अक्षय पुण्य प्रदान करते हैं.

आपको बता दें कि ग्रहण के समय में महामृत्युंजय मंत्र ''ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌. उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्'', शिव मंत्र ऊँ नम: शिवाय, श्रीकृष्ण के मंत्र कृं कृष्णाय नम:, श्रीराम के मंत्र रां रामाय नम:, गणेशजी के मंत्र श्री गणेशाय नम:, दुर्गा मंत्र दुं दुर्गाय नम:, सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम:, चंद्र मंत्र सों सोमाय नम:, हनुमान मंत्र ऊँ रामदूताय नम:, विष्णु मंत्र ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप किया जा सकता है.

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