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दिन में पत्‍नी को फोन कर बोले सबकुछ ठीक है और रात में यमुना पनेरु को मिली शहादत


उत्तराखंड का एक और लाल कश्मीर में शहीद हो गया है. नैनीताल जिले के ओखलकांडा (Okalkanda) के रहने वाले यमुना पनेरु साल 2012 से भारतीय सेना का हिस्सा थे. सेना में सूबेदार के पद पर तैनात यमुना पनेरु कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात थे. बुधवार रात यमुना पनेरु (Yamuna Paneru) एक सर्च ऑपरेशन में लगे हुए थे. इसी दौरान वह शहीद हो गए. यमुना पनेरु का परिवार फिलहाल हल्द्वानी के गोरा पड़ाव में रहता है. तीन भाइयों में दूसरे नंबर के यमुना के शहीद होने की सूचना सेना के जवानों ने घर पर आकर दी. शहीद की पत्‍नी ने बताया कि यमुना ने दिन में फोन किया था और उसी रात वह शहीद हो गए.

शहीद यमुना के बड़े भाई हरिश्चंद्र पनेरु (Harishchandra Paneru) ने बताया कि गुरुवार को सेना के 5 जवान घर पर आए थे, जिन्होंने भाई की शहीद होने की सूचना दी. हालांकि, हरिश्चंद्र पनेरु के मुताबिक सेना के जवानों ने साफ साफ नहीं बताया कि उनका भाई कैसे शहीद हुआ है. सेना के जवानों ने परिवार को केवल इतनी जानकारी दी कि सर्च ऑपरेशन के दौरान यमुना पनेरु शहीद हो गए हैं. हालांकि, सेना ने आधिकारिक रूप से अभी तक अपने सूबेदार के शहीद होने की वजह की जानकारी नहीं दी है.

घर पर पसरा मातम
बेटे के शहीद होने की सूचना मिलते ही यमुना पनेरु के घर पर मातम पसर गया. आस पड़ोस के लोग सांत्वना देने घर पहुंच रहे हैं. शहीद यमुना के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं. पत्नी का भी रो-रो कर बुरा हाल है. किसी को यकीन नहीं हो रहा कि उनका प्यारा लाल अब इस दुनिया में नहीं है. शहीद की पत्नी रोते हुए बताती हैं कि बुधवार को दिन में ही उनका फोन आया था. सब ठीक होने की बात कर रहे थे, लेकिन गुरुवार को सेना से फोन आया. बताया कुछ सामान भेजना चाहते हैं. आप घर का पता बता दीजिए. घर आने के बाद जवान सामान तो नहीं लाए लेकिन पति के मौत की खबर जरूर मिल गई.

हिम्मती और प्रतिभावान थे शहीद यमुना


सेना की 6 कुमाऊं रेजीमेंट के सूबेदार यमुना पनेरु बहुत ही हिम्मत वाले थे. साल 2012 में यमुना अपने साहस के दम पर एवरेस्ट फतह कर चुके थे. साथ ही उन्हें रॉक क्लाइंबिंग का जबरदस्त शौक था. खतरों से खेलना जैसे उनकी आदत थी. शहीद के छोटे भाई बताते हैं कि उनके शहीद बड़े भाई बचपन से ही बेहद प्रतिभावान थे.

शनिवार तक पहुंचेगा पार्थिव शरीर
शहीद का पार्थिव शरीर शनिवार तक उत्तराखंड पहुंचेगा. सेना ने परिवार को जानकारी दी है कि शुक्रवार को पार्थिव शरीर श्रीनगर पहुंचेगा और शनिवार शाम तक शव के हल्द्वानी पहुंचने की उम्मीद है. जिसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद यमुना पनेरु को अंतिम विदाई दी जाएगी.

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