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व्रत उपवास: क्या है निर्जला उपवास, जानिए इसके फायदे


सभी धर्मों में व्रत रखने का विशेष विधान होता हैं बता दें कि हिंदू धर्म में सप्ताह के सातों दिन व्रत रखना जाता हैं साथ ही तन मन की शुद्धि और बढ़ते वजन को कम करने के लिए भी उपवास किया जाता हैं व्रत कई तरह के होते हैं जिनमें एक निर्जला उपवास होता हैं जिसे अंग्रेजी में ड्राई फास्टिंग भी कहा जाता हैं

इस व्रत के दौरान लोग दिन भर बिना अन्न और जल के रहते हैं कई सालों से निर्जला उपवास का भी व्रत किया जा रहा हैं, तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि निर्जला उपवास करते वक्त व्यक्ति को किन किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए तो आइए जानते हैं

आपको बता दें कि निर्जला उपवास करने से पहले अपने शरीर को संतुलित जरूर कर लेना चाहिए इसके लिए आप एक सप्ताह पहले से खूब पानी पिएं, जिससे आपके शरीर में पानी की कमी न हो। इस व्रत को रखने से पहले आप फ्रूट फास्ट, जूस फास्ट आदि कर सकते हैं।

इससे आपको अपनी शारीरिक क्षमता का पता चल जाएगा कि आप निर्जला उपवास कर सकते है या नहीं कर सकते हैं। जब आप पहली बार निर्जला व्रत रखें तो 12 घंटे से अधिक न रखें। शरीर में अन्य चीजों को बनने और तैयार होने में कम से कम 24 से 36 घंटे लग जाते हैं।

वही अगर निर्जला व्रत के दौरान जी मचलना, उल्टी, बेहोशी और तेज प्यास महसूस करते हैं तो इसे तोड़ देना ही बेहतर होगा। अगर टॉक्सीन के साथ व्रत करते हैं तो जी मचलना, उल्टी, बेहोशी की समस्याएं आ सकती हैं। व्रत रखने का मुख्य कारण मन को एकत्रित कर ईश्वर की भक्ति करना होता हैं ऐसा करने से मन में गलत भावनाएं उत्पन्न नहीं होती हैं भगवान के प्रति पूजा में भी मन लग जाता हैं।

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