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ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए बड़ी खबर

Driving Licence

दिल्ली में ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के लिए मैनुअल टेस्ट की प्रक्रिया जल्द खत्म हो जाएगी। दिल्ली में डीएल टेस्ट सिर्फ ऑटोमेटेड (स्वचालित) ट्रैक पर होंगे। वर्तमान में छह ऑटोमेटेड ट्रैक पर ही टेस्ट लिए जा रहे हैं। अब इनकी संख्या बढ़कर 13 होने वाली है। इसमें लोनी अथॉरिटी और झड़ौदा कलां अथॉरिटी में ऑटोमेटेड ट्रैक पूरी तरह से बनकर तैयार हैं।

परिवहन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, लॉकडाउन की वजह से ऑटोमेटेड ट्रैक निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित हो गई थी, लेकिन अब कार्य दोबारा से तेजी से शुरू हो गया है। इसमें लोनी रोड और झड़ौदा कलां अथॉरिटी के ऑटोमेटेड ट्रैक पूरी तरह से तैयार हैं, जबकि रोहिणी, द्वारका, लाडो सराय, हरि नगर, राजा गार्डन के ऑटोमेटेड ट्रैक का कार्य अंतिम चरण में है। इसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट की मैनुअल प्रक्रिया लगभग खत्म हो जाएगी।

आवेदक को टेस्ट देने के लिए मिलता है निश्चित समय

बता दें कि ऑटोमेटेड ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट देना मुश्किल होता है। ट्रैक को आठ अंक के आकार में तैयार किया जाता है। जिस पर आवेदक को गाड़ी से चक्कर लगाना होता है और आगे-पूछे करके भी दिखानी होती है। इसके लिए उसको एक निश्चित समय दिया जाता है।

यहां पहले से सुविधा जारी

अभी फिलहाल मयूर विहार, सूरजमल विहार, सराय काले खां, शेख सराय, वजीरपुर और बुराड़ी अथॉरिटी में ड्राइविंग टेस्ट ऑटोमेटेड ट्रैक पर लिए जाते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर को लोनी रोड स्थित अथॉरिटी में ट्रैक पर एक ड्राइविंग टेस्ट लेकर ट्रैक का ट्रायल भी लिया गया।

जल्द आएगा नंबर

सोशल डिस्टेंसिंग के मद्देनजर परिवहन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में एक तिहाई स्लॉट कम कर दिए गए थे। इस कारण लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को दो महीने तक के स्लॉट बुक मिल रहे हैं। जून में आपके अखबार 'हिन्दुस्तान' ने आवेदकों की इस परेशानी पर खबर प्रकाशित की थी। परिवहन विभाग के एक क्षेत्रीय अधिकारी के अनुसार, स्लॉट की संख्या बढ़ाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। स्लॉट जारी करने की संख्या अब 50% तक बढ़ा दी गई है। अगर कोई एक माह के अंदर ड्राइविंग टेस्ट के लिए आवेदन करता है तो उसे स्लॉट मिल जाएगा।

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