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हिमाचल प्रदेश के विशेष पर्यटन स्थलो के बारे में…क्यों आते है यहाँ लोग पूरी दुनिया से घूमने


हिमाचल प्रदेश घूमने का सबसे अच्छा समय वसंत का है जो कि फरवरी से अप्रैल का होता है। राज्य के प्रमुख 12 जिले अपनी मनमोहक साईट सीइंग, धार्मिक स्थलों, पर्वतारोहण, पैर ग्लाइडिंग , ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्‍लाइडिग, स्कीइंग के कारण हमेशा से ही दुनिया भर के पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करते आये हैं।

कांगड़ा धार्मिक भाव रखने वाले लोगों के लिए यह पसंदीदा जगह है। कांगड़ा अपने प्राचीन मंदिरों के लिए मशहूर है। एडवेंचर खेलों की चाह रखने वालों और प्रकृति पे्रमियों के लिए यह जगह स्वर्ग से कम नहीं है।

रोहतांग दर्रा मनाली से 150 किलोमीटर की दूरी पर और एक हजार एक सौ ग्यारह मीटर की उंचाई पर केलोंग हाईवे पर रोहतांग दर्रा स्थित है। यहां आकर आपको महसूस होगा कि दुनिया में सबसे ऊपर विशाल हिमालय पर्वत बांहे फैलाए आपका स्वागत कर रहा है।

शिमला यह राजधानी शहर होने के साथ साथ पर्यटन के लिहाज से देश में सबसे मशहूर जगह है। ब्रिटिश काल से ही शिमला एक लोकप्रिय हिल स्टेशन रहा है। कई पुरानी इमारतें शानदार ब्रिटिश वास्तुकला की याद दिलाती हैं और आज के इस आधुनिक शहर को पुराना फ्लेवर भी देती हैं। इस शहर ने अपना भरापूरा साम्राज्य 12 किमी. के विस्तृत शैली शिखर पर फैला हुआ है। प्रकृति ने अपना प्यार जी भर कर प्राकृतिक सौंदर्य के रुप में यहां की वादियों पर बरसाया है।

चंबा यह एक लुभावना हिमालयी शहर है और हिमाचल प्रदेश के कई आकर्षणों में से एक है। यह खूबसूरत शहर डलहौजी से 50 किलोमीटर की दूरी पर है। इस शहर में ना सिर्फ सुंदर लैंडस्केप बल्कि कुछ बेहतरीन नक्काशीदार मंदिर भी हैं।

डलहौजी पश्चिमी हिमाचल प्रदेश में डलहौज़ी नामक यह पर्वतीय स्‍थान पुरानी दुनिया की चीजों से भरा पड़ा है और यहां राजशाही युग की भाव्‍यता बिखरी पड़ी है। यह लगभग 14 वर्ग किलो मीटर फैला है और यहां काठ लोग, पात्रे, तेहरा, बकरोटा और बलूम नामक 5 पहाडियां है। इसे 19वीं शताब्‍दी में ब्रिटिश गवर्नर जनरल, लॉड डलहौज़ी के नाम पर बनाया गया था। इस कस्‍बे की ऊंचाई लगभग 525 मीटर से 2378 मीटर तक है और इसके आस पास विविध प्रकार की वनस्‍पति-पाइन, देवदार, ओक और फूलों से भरे हुए रोडो डेंड्रॉन पाए जाते हैं डलहौज़ी में मनमोहक उप निवेश यु‍गीन वास्‍तुकला है जिसमें कुछ सुंदर गिरजाघर शामिल है। यह मैदानों के मनोरम दृश्‍यों को प्रस्‍तुत करने के साथ एक लंबी रजत रेखा के समान दिखाई देने वाले रावी नदी के साथ एक अद्भुत दृश्‍य प्रदर्शित करता है जो घूम कर डलहौज़ी के नीचे जाती है। बर्फ से ढका हुआ धोलाधार पर्वत भी इस कस्‍बे से साफ दिखाई देता है।

कुल्लू यह विशाल हिमालय की सबसे शानदार घाटियों में से एक है। यह आकर्षक कुल्लू घाटी ब्यास नदी के दोनों ओर फैली है। कुल्लू घाटी संुदर ही नहीं विशाल भी है और इसकी चैड़ाई दो किलोमीटर और लंबाई करीब आठ किलोमीटर है। एक हजार एक सौ तीस मीटर की ऊंचाई पर स्थित कुल्लू की आबादी 381571 है।

मनाली मनाली हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित कुल्लू घाटी का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल होने के साथ ही भारत का प्रसिद्ध पर्वतीय स्थल भी है। कुल्‍लू से उत्तर दिशा में केवल 40 किलो मीटर की दूरी पर लेह की ओर जाने वाले राष्‍ट्रीय राजमार्ग पर घाटी के सिरे के पास मनाली स्थित है। लाहुल, स्‍पीति, बारा भंगल (कांगड़ा) और जनस्‍कर पर्वत श्रृंखला पर चढ़ाई करने वालों के लिए यह एक मनपसंद स्‍थान है। मंदिरों से अनोखी चीजों तक, यहां से मनोरम दृश्‍य और रोमांचकारी गतिविधियां मनाली को हर मौसम और सभी प्रकार के यात्रियों के बीच लोकप्रिय बनाती हैं।

छितकुल इस गांव के निवासी यहां के प्राकृतिक परिवेश अहेलादी हो उठते हैं। यहां पर हर तरफ अनेक प्रकार के फलों के बगीचे शोभायमान होते हैं। स्वच्छन्द व मदमस्त वातावरण में उन्मुक्त होकर सरपट दौड़ लगाते कुलाचें भरते हिरणों के झुंड, समा देखते ही बनता है। जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता है।

कैसे पहुंचा जा सकता है यहाँ – 
हिमाचल प्रदेश राज्य में तीन हवाई अड्डे हैं, इनमें कुल्लू और मनाली के पास भुंतुर, धर्मशाला के पास गग्गल हवाई अड्डा और शिमला के पास जुबरहट््टी शामिल हैं। साथ ही सभी प्रमुख शहरों में रेलवे स्टेशन हैं। शिमला, पालमपुर और जम्मू रेलवे स्टेशन काफी लोकप्रिय हैं और इनमें देश के सभी हिस्सों से रेलें आती हैं। राज्य का सड़क नेटवर्क बहुत विकसित है और उत्तर भारत के सभी प्रमुख शहरों से यह जुड़ा है।

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