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भारत के लिए सचिन तेंदुलकर ने गेंदबाजी करते हुए बनाए हैं ये बड़े रिकॉर्ड्स, शायद नहीं जानते होंगे आप


सचिन तेंदुलकर क्रिकेट की दुनिया का वो नाम जिसने 24 साल तक मैदान पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। हर विरोधी को घुटने टेकने पर मजबूर किया। सचिन क्रिकेट का वो नाम बना जिसे भारत में भगवान का दर्जा दिया गया। उन्होंने रिकॉर्ड्स की झड़ी लगाई। आज हम ऐसे रिकॉर्ड की चर्चा कर रहे हैं, जो उन्होंने बतौर बल्लेबाज नहीं बल्कि एक गेंदबाज के तौर पर अपने नाम किया था।

भारत के लिए सबसे कम उम्र में विकेट लेने वाले गेंदबाज

सचिन सिर्फ 16 साल की उम्र में ही अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहला विकेट 5 दिसंबर 1990 को श्रीलंका के खिलाफ मिला था। उन्होंने रोशन महानमा को विकेटकीपर किरण मोरे के हाथों कैच कराया था। इसके साथ ही सचिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विकेट लेने वाले सबसे कम उम्र के गेंदबाज बन गए। उस वक्त तेंदुलकर सिर्फ 17 साल और 224 दिन के थे, तब उन्होंने ये कारनामा किया। उन्होंने उस समय पूर्व भारतीय स्पिनर मनिंदर सिंह का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इस मैच में सचिन को दो विकेट मिला था। उन्होंने अर्जुन रणतुंगा को भी आउट किया था। इसके अलावा सचिन ने इस मैच में 41 गेंदों पर 53 रन बनाए थे और मैन ऑफ द मैच बने थे।

आखिरी ओवर में 6 या इससे कम रन का बचाव

यदि बल्लेबाजी टीम को अंतिम ओवर में 10-12 रन से कम की जरूरत है, तो उनके मैच जीतने की संभावना ज्यादा होती है और जब लक्ष्य अंतिम ओवर में 6 रन या उससे कम है, तो यह गेंदबाजी टीम के लिए नामुमकिन सा लगता है। लेकिन सचिन ने इस मुश्किल को भी अपनी उपलब्धि में बदला है। तेंदुलकर एकमात्र ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने आखिरी ओवर में छह से भी कम रन का बचाव किया है।

1993 में तेंदुलकर ने आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ छह रन का बचाव करते हुए भारत को एक मशहूर जीत दिलाई थी। उन्होंने उस ओवर में केवल तीन रन दिए थे। 1997 में भी ऐसी ही परिस्थिति में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी ओवर की पहली गेंद पर ऑस्ट्रेलिया का आखिरी विकेट लेकर यह उपलब्धि दोहराई थी।


एशिया कप में एक भारतीय स्पिनर द्वारा सबसे ज्यादा विकेट

सचिन तेंदुलकर के पास हमेशा से ही विपक्षी साझेदारी तोड़ने की कला थी। उनकी गेंदबाजी में एकमात्र समस्या निरंतरता की कमी थी, लेकिन 2004 के एशिया कप में सचिन ने इसका समाधान निकाल लिया और बेहद शानदार प्रदर्शन किया । उस समय सचिन ने छह मैचों में 12 विकेट चटकाए थे। तेंदुलकर ने उन सभी पांच पारियों में कम से कम एक विकेट लिया, जहां उन्हें गेंदबाजी करने का मौका मिला। इस दौरान उन्होंने एशिया कप के एक ही संस्करण में एक भारतीय स्पिनर द्वारा लिए गए सबसे ज्यादा विकेटों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। एक एशिया कप में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में इरफान पठान (14 विकेट) के बाद सचिन दूसरे स्थान पर हैं।

शेन वॉर्न से आगे सचिन

वनडे क्रिकेट में पांच विकेट हॉल हासिल करना हर एक गेंदबाज का सपना होता है। हालाँकि बहुत कम गेंदबाज ही वनडे क्रिकेट में 5 विकेट हॉल हासिल कर पाते हैं। सचिन के नाम इंटरनेशनल वनडे क्रिकेट में 2 पांच विकेट हॉल हैं। सचिन की ये उपलब्धि बेहद खास है। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज गेंदबाज शेन वॉर्न के नाम भी वनडे क्रिकेट में सिर्फ एक पांच विकेट हॉल है, लेकिन सचिन ने ऐसा दो बार किया है। पहले 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था। दूसरी बार सचिन का शिकार बना था पाकिस्तान। अप्रैल का ही महीना था, तारीख थी 2 अप्रैल 2005। कोच्चि में भारत और पाकिस्तान के बीच सीरीज का पहला वनडे मैच था।

आप को बता दें कि सचिन ने अपने लंबे करियर में 200 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए है, जिनमें वनडे में 155 और टेस्ट मैचों में 44 विकेट शामिल हैं।

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