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हिमाचल सरकार निजी स्कूलों पर शिकंजा कसने को नया एक्ट बनाएगी


हिमाचल के निजी स्कूलों को निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के दायरे में लाने के लिए सरकार नया एक्ट बनाएगी। वर्तमान एक्ट के तहत निजी स्कूलों को आयोग के दायरे में नहीं लाया जा सकता है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि इस मामले को लेकर सरकार गंभीर है। जल्द ही एक्ट लाया जाएगा। वर्तमान आयोग के दायरे में क्या-क्या आ सकता है, इसे लेकर उन्हें पूरी जानकारी है। निजी स्कूल वर्तमान एक्ट के तहत अभी इसमें शामिल नहीं हो सकते हैं। विभागीय अधिकारियों को एक्ट को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव बनाने को कहा जाएगा।

कई निजी स्कूलों की ओर से मनमाने तरीके से फीस वसूली करने और सरकार के आदेशों की अवहेलना करने की शिकायत बढ़ने पर शिक्षा विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। इस बाबत शिक्षा मंत्री ने बताया कि निजी स्कूलों को आयोग के दायरे में लाकर उनकी फीस सहित अन्य गतिविधियों पर सरकार की कड़ी नजर रखने के लिए नए एक्ट की जरूरत है। इसे लेकर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने दोहराया कि आजकल चल रहे कोरोना संकट के दौरान सभी निजी स्कूलों को सिर्फ बीते साल निर्धारित की गई ट्यूशन फीस ही वसूलने को कहा गया है।

आदेशों की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के दायरे में अभी प्रदेश के सभी निजी कॉलेज और विश्वविद्यालय आते हैं। इन शिक्षण संस्थानों की फीस तय करने से लेकर इनके पाठ्यक्रम को आयोग ही हर साल मंजूरी देता है। इसके अलावा निजी संस्थानों के स्टाफ की समस्याओं को भी आयोग की अदालत में सुना जाता है। विद्यार्थियों पर जबरन फीस को लेकर डाले जाने वाले दबाव की भी आयोग में सुनवाई होती है। नया एक्ट बनने के बाद निजी स्कूल भी आयोग के दायरे में शामिल हो सकेंगे।

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