Breaking News

किसी देवी देवता के आगे दीपक जलाने से पहले जान ले यह सारी बातें


एक दीया, दीया, दीया, दीवा, दीपा, दीपम या दीपाक एक तेल का दीपक है जिसे आमतौर पर मिट्टी से बनाया जाता है, जिसमें घी या वनस्पति तेलों में डूबी हुई कपास की बाती होती है। दीया भारतीय उपमहाद्वीप के मूल निवासी हैं जिनका उपयोग अक्सर हिंदू, सिख, जैन और पारसी धार्मिक त्योहारों जैसे दिवाली या कुश्ती समारोह में किया जाता है।

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि भगवान के सामने दिए जलाने का विशेष महत्व है क्योंकि अंधेरा हटने से आपकी जिंदगी में अंधकार का साया भी समाप्त हो जाता है लेकिन एक बेहतरीन तरीके से यह दीपक जलाने से आपके जीवन में दुखों का पहाड़ हट सकता है.

और आपके सुखों का द्वार खुल सकता है इसके लिए आपको कुछ नियम शर्तों को मानना जरूरी है जैसे कि दीपक जलाने के लिए ज्यादा लोग देसी घी का इस्तेमाल करते हैं लेकिन बहुत से अवसर पर सरसों तेल का इस्तेमाल करना चाहिए.क्योंकि सरसों का तेल का दीपक जलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और आपकी मनोकामना पूरी करते हैं हमें खास ध्यान रखना चाहिए कि दीपक जलाने से पहले हमें दिए की बाती रूई से बनी होनी चाहिए और वह पतली होनी चाहिए उसका शिरा तेल में पूरा डूबा होना चाहिए जिससे हुआ है .

तेल को अच्छी तरह प्राप्त कर सके और अच्छी तरह से जल सकती सरसों के तेल की खुशबू घर में महकती है तो घर में बुरी शक्तियों का वास नहीं होता और अमर दुखों का नाश होता है और हमें सुख की प्राप्ति होती है.

No comments