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क्या आप जानते है तिहाड़ जेल का क्या है इतिहास, कोन से दोषियों को रखा जाता है यहाँ पर ?


तिहाड़ जेल को तिहाड़ आश्रम भी कहा जाता है जो दिल्ली के चाणक्यपुरी से 7 किमी दूर तिहाड़ा गांव में स्थित है. तिहाड़ दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा जेल परिसर है. जेल जिसे क़ैदख़ाना व कारागार कहा जाता है तो वहीं कई लोग इसे सुधारगृह के नाम से भी संबोधित करते हैं.
इतिहास में अलग-अलग समय पर शासन-प्रशासन ने जेलों का निर्माण कराया ताकि वे समाज के अवांछित तत्वों को समाज में किसी तरह की अव्यवस्था फैलाने पर उन्हें कैद कर सकें. इसके अलावा कई बार शासन-प्रशासन से बगावत करने वालों को भी जेलों के सीखचों के पीछे डाल दिया जाता है.

आज तिहाड़ जेल को दिल्ली कारागार डिपार्टमेंट चलाता है. इस कारागार के भीतर 9 राष्ट्रीय कारागार हैं और यह दिल्ली प्रदेश के भीतर दो कारागारों में से एक है. दूसरा एक जिला कारागार है जिसे रोहिणी कारागृह कॉम्पलेक्स कहते हैं.सन् 1966 में इसकी बागडोर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली को दे दी गई थी. सन् 1984 में इसमें और भी सुविधाए जोड़ दी गईं और इस पूरे कॉम्पलेक्स को तिहाड़ जेल का नाम दे दिया गया.

किरण बेदी, जो हमारे देश की पहली महिला आईपीएस अफ़सर थीं. उन्होंने तिहाड़ जेल के माहौल को बदलने में अहम भूमिका निभायी. उन्होंने तिहाड़ जेल के भीतर विपस्सना की शुरुआत करवायी थी और शुरुआती क्लासेस जी.एन गोयनका ने ली थीं. इसके अलावा विशेष बात यह है कि तिहाड़ जेल के भीतर रहते-रहते एक कैदी ने आईएएस की परीक्षा भी पास कर ली थी.TJ’S के भीतर खान-पान की सामग्री जैसे अचार और बेकरी भी बनते हैं. इसके साथ ही यहां हैंडलूम व टेक्सटाइल, फर्नीचर, कपड़े, बैग, शुद्ध सरसों तेल, हस्तनिर्मित सामग्रियां, पेंटीगें, जूट के बैग, हर्बल प्रोडक्ट और कैडल व लाइटों के अलावा बहुत कुछ मिलता है.

सन् 2015 के जून माह में तिहाड़ जेल के दो कैदियों ने रात के दौरान एक दीवार के नीचे से 10 फीट की सुरंग खोद डाली थी, ताकि वे वहां से भाग सकें.

19 वर्षीय फैज़ान को भागने के दौरान एक सीवर में फंस गया जहां से उसे पकड़ लिया गया, वहीं उसका साथी जावेद जो इस प्लान का मास्टरमाइंड था वहां से भाग निकला. इन दोनों को चोरी के जुर्म में कैद में रखा गया था. गौरतलब है कि, चार्ल्स शोभराज जो एक अंतर्राष्ट्रीय सीरियल किलर था, तिहाड़ जेल से 16 मार्च सन् 1986 को भाग निकला था, हालांकि उसे जल्द ही दोबारा पकड़ लिया गया.

Date 20/03/2020 को तिहाड़ जेल में निर्भया केस (nirbhaya case update)के सभी 4 आरोपियों को फांसी पर लटका दिया गया।

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