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क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उठाया बड़ा कदम, इस सेशन में नहीं होगा ड्यूक गेंदों का इस्तेमाल


क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने (CA) शेफील्ड शील्ड के अगले सत्र (ग्रीष्मकाल) में ड्यूक्स गेंदों का इस्तेमाल ना करने का फैसला किया है। अब 2020-21 के पूरे प्रथम श्रेणी सत्र में कूकाबूरा गेंदों का इस्तेमाल होगा।

क्यों होता था ड्यूक का प्रयोग: सीजन 2016-17 से ही क्रिसमस के बाद होने वाले मैचों में ड्यूक गेंद का इस्तेमाल होता था ताकि गेंदबाज इंग्लैंड की परिस्थितियों में खेलने की तैयारी कर सकें, जहां ड्यूक गेंद का इस्तेमाल होता है। घरेलू क्रिकेट से लगातार शिकायत आ रही थी कि ड्यूक गेंद से स्पिनरों को नुकसान हो रहा है।

पीटर रोच ने फैसले को बताया सही: ईएसपीएनक्रिकटइंफो ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के हेड ऑफ क्रिकेट ऑपरेशन पीटर रोच के हवाले से लिखा, “ड्यूक गेंद का इस्तेमाल करना एक प्रयोग था, खासकर एशेज की तैयारी करने के लिए क्योंकि इंग्लैंड में ड्यूक गेंद का इस्तेमाल किया जाता है।”

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ड्यूक्स गेंदों का इस्तेमाल नहीं करेगा।

उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया में जिस तरह गेंद का इस्तेमाल किया गया उससे हम काफी खुश हैं। लेकिन हमें लगता है कि 2020-21 सीजन के लिए एक ही गेंद का इस्तेमाल करना हमारे खिलाड़ियों को परखने में मदद करेगा।”

रोच ने आगे कहा, “कुकाबुरा गेंद का इस्तेमाल ऑस्ट्रेलिया और विश्व के कई हिस्सों में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में होता है। हम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में स्पिनर चाहते हैं और हम चाहते हैं कि हमारे बल्लेबाज स्पिनर का सामना करें। हमें उम्मीद है कि गेंद में बदलाव लाने से सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”

सीजन 2016-17 से ही क्रिसमस के बाद मैचों में ड्यूक गेंद का इस्तेमाल होता था।

कोरोना की वजह से फाइनल मुकाबला हुआ था रद्द: कोरोना वायरस के खौफ में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मार्च में शेफील्ड शील्ड टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले को रद्द करके न्यू साउथ वेल्स को इस टूर्नामेंट का विजेता घोषित कर दिया गया था।

साउथ वेल्स ने 9 मुकाबले में से 6 में जीत दर्ज की थी और टीम के 51 प्वाइंट्स थे। फाइनल मैच में न्यू साउथ वेल्स का सामना विक्टोरिया से होना था। विक्टोरिया ने 9 में से 3 मुकाबले जीते और 3 हारे थे, जिसके चलते उसके महज 38 अंक थे, जिसके चलते साउथ वेल्स को ट्रॉफी का विजेता चुना गया।

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