Breaking News

इस खोज ने मानव इतिहास को बदल दिया, आपके लिए ये खबर जानना है बेहद जरूरी


इस पृथ्वी का सबसे रहस्यमई इतिहास है मानव जैसे बुद्धिमान जीवों की उत्पत्ति। इसका सही-सही आकलन हमारे वैज्ञानिक भी लगाने में असफल है। जैसे-जैसे नई नई खोज हो रहे है, वैसे-वैसे मानव इतिहास से जुड़े थ्योरी के अंदर विवाद बढ़ते जा रहे हैं। अगर आज के विज्ञान के नजरिए से देखा जाए तो मानव ने अपनी सभ्यता को आकार देने का काम 10 हजार साल पहले शुरु कर दिया था। लेकिन उसके अस्तित्व की शुरूआत 2 लाख साल पहले हुई थी।

1. किश्तिम बौना - वर्ष 1996 में, कयस्तयम के पास एक गांव में एक बुजुर्ग महिला ने एक अज्ञात जैविक प्रजातियों के एक जीवित प्राणी की अकल्पनीय खोज की। बाहरी रुप से, यह एक छोटे से ह्युमनॉइड ( इंसानो जैसा ) जैसा दिखता था। लंबाई में लगभग 30 सेंटीमीटर का था। महिला ने उन्हें अल्लेष्का बुलाया और लगभग एक महीने तक उनका पालन-पोषण भी किया। फिर जीव मर गया।

उसके ममीकृत अवशेष को बाद में पुलिस के द्वारा खोजे गए थे। तब किश्तिम बौने का शरीर रहस्यमय ढंग से गायब हो गया। अब ये तो रहस्य है कि यह जीव क्या और कौन था ! या इस प्रजाति के जीव और भी बचें है या नही। ये बुद्धिमान था या नही ? क्या ये इंसानो की कोई और प्रजाति थी या फिर ये कोई एलियन था ? ये सारे सवाल अब भी सवाल ही हैं। अगर आपके पास इनमें से किसी का भी जवाब हो तो कमेंट में बताएं।

2. एक खोज के मुताबिक मानव लगातार विकसित होते आ रहे हैं , सामान्य वैज्ञानिक भाषा में इसे 'एवोल्यूशन' कहते हैं। मगर एक नई खोज ने सब कुछ बदल कर रख दिया। यह कंकाल 3 लाख वर्ष पुराना है। लगभग मानव सभ्यता से 1 लाख वर्ष पुराना, किन्तु यह अपने आप में ही विवादास्पद है।

लेकिन इसमें चौंकाने वाला तथ्य यह है कि कंकाल की संरचना हुबहू इंसानो जैसी है जो कि किसी लिहाज से आज के विज्ञान के अनुसार संभव ही नहीं है। एवोलुशन या क्रमिक विकास के अनुसार मानव उस वक्त था ही नहीं और अगर हुआ भी तो वह आज के इंसानो के रूप में नहीं हो सकता। इसमें सबसे अधिक चौंका देने वाली बात यह थी कि इस कंकाल का आकार इंसानों से कई गुना बड़ा है। विज्ञान की भाषा में इस प्रजाति को 'जियनोपिथेक्स ' नाम दिया गया है।

No comments