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शादी के 15 दिनों बाद पति ने छोड़ा, फिर ऐसे IAS बन गई कोमल गणात्रा



एक स्त्री का जीवन जीवनभर अपने पति के आसपास तो नहीं घूम सकता। उनका भी हक है कि वे अपने सपने पूरे करें। ऐसा कहना है कोमल गणात्रा का। जिन्होंने अपने दम पर युपीएससी की परीक्षा पास की है। उनके लिए यह परीक्षा पास करना सहज नहीं था। काफी परेशानियों का सामना करने के बाद कोमल आईएएस बनी हैं तो आप भी जान लें उनकी संघर्ष की कहानी।

कोमल गणात्रा की शादी 26 वर्ष की उम्र में हुई थी। शादी के बाद एक लडक़ी जो सपना देखती है, कोमल ने भी ऐसा ही सपना देखा था। किंतु जरुरी नहीं कि हर व्यक्ति के सभी सपने पूरे हों। शादी के दो सप्ताह के बाद पति उन्हें छोडक़र चला गया। नई वधू बनी कोमल के पति ने उन्हें न्युजिलैंड जाने की चाह में छोड़ दिया था। उसके बाद वह कभी वापस नहीं आया। बता दें कि उनकी शादी एक एनआरआई से हुई थी। पति के छोडक़र चले जाने के बाद कोई भी व्यक्ति टूट जाता, किंतु कोमल ने हिम्मत नहीं हारी। उसके बाद उन्होंने युपीएससी की तैयारी शुरु की।

कोमल ने एक इन्टरव्यु में कहा कि हम सोचते हैं कि शादी हमें परिपूर्ण बनाती है। जब तक मेरी शादी नहीं हुई थी, तब तक मैं भी ऐसी ही सोच रखती थी। पति का मुझे छोडक़र जाने के बाद मुझे समझ में आया कि जीवन में हर लडक़ी के लिए शादी ही सब कुछ नहीं होता। उनका जीवन इससे भी आगे है। कोमल ने युपीएससी की तैयारी करने के संबंध में विचार किया। वह समझ चुकी थी कि एक युवती के लिए कैरियर सबसे अधिक जरुरी है। इसलिए कोमल ने परीक्षा की तैयारियां शुरु की और सफल रही। फिलहाल वह रक्षा मंत्रालय में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के तौर पर काम कर रही हैं।

कोमल की पढ़ाई गुजराती मीडियम में हुई है। जिस वर्ष उन्होंने युपीएससी की परीक्षा पास की थी, उस वर्ष वह गुजराती लिटरेचर की टॉपर थीं। उन्होंने आगे कहा कि मैं छोटी थी तब से ही मेरे पापा मुझे कहते थे कि तू बड़ी होकर आईएएस बनेगी, किंतु तब मेरे पास युपीएससी के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी।

मेरी शादी के पहले मैंने जीपीएससी मेन्स की परीक्षा भी पास कर ली थी, किंतु मेरे पति ने मुझे इन्टरव्यु देने जाने से मना कर दिया, कारण कि वे न्युजिलैंड जाना चाहते थे। मैं उन्हें बहुत प्रेम करती थी इसलिए मैंने भी इन्टरव्यु देने का विचार स्थगित कर दिया। किंतु मेरे पति शादी के 15 दिन में ही मुझे छोडक़र न्युजिलैंड चले गए। उसके बाद मेरी जिंदगी मानो वहीं अटक गई। लोगों ने मुझे अपने पति से तलाक लेकर दूसरी शादी करने की सलाह दी, किंतु मैंने अपना कैरियर बनाना तय कर लिया और मैंने एक गांव की स्कूल में टीचर की नौकरी करने के साथ-साथ परीक्षा की तैयारियां शुरु की और आज मैं अपने जीवन के लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रही हूं।

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