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भारत के 4 रहस्यमयी मंदिर, जिनके रहस्यों का पता विज्ञान भी नही लगा पाया

भारतीय धर्मों हिन्दुओं के उपासनास्थल को मन्दिर कहते हैं। यह अराधना और पूजा-अर्चना के लिए निश्चित की हुई जगह या देवस्थान है। यानी जिस जगह किसी आराध्य देव के प्रति ध्यान या चिंतन किया जाए या वहां मूर्ति इत्यादि रखकर पूजा-अर्चना की जाए उसे मन्दिर कहते हैं।

भारत में लाखों की संख्या में मंदिर हैं, हर मंदिर के पीछे कोई न कोई पौराणिक कथा जरूर होती है, तो आज हम आपको भारत के 4 ऐसे मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बेहद रहस्यमयी और चमत्कारी माने जाते हैं, जिनके रहस्यों का पता विज्ञान भी नही लगा सका है।

1- तिरुपति बालाजी
आंध्र प्रदेश के तिरुमाला में स्थित तिरुपति बालाजी के मंदिर में प्रतिदिन हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं, कहा जाता है कि इस मंदिर में भगवान तिरुपति की मूर्ति पर जो बाल है वो वास्तविक हैं, साथ ही अगर आप मूर्ति पर कण लगाकर सुनते हैं तो समुद्र की लहरों की आवाज आती है और मूर्ति में सदैव नमी बनी रहती है, ऐसा क्यों है, इसका पता आज तक विज्ञान भी नही लगा सका है।

2- काल भैरव मंदिर
मध्य प्रदेश के उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित है काल भैरव का मंदिर, इस मंदिर की विशेषता ये है कि जैसे ही मूर्ति के मुख पसर शराब का प्याला लगया जाता है, प्याला अपने आप ही खाली हो जाता है, विज्ञान इस रहस्य का भी पता नही लगा सका है, भगवन काल भैरव को उज्जैन का सेनापति भी कहा जाता है।

3- मैहर देवी मंदिर
मैहर देवी का मंदिर जबलपुर मध्य प्रदेश में स्थित है, जब संध्या आरती के बाद जब मंदिर के कपाट बंद किये जाते हैं, तब भी मंदिर के अंदर से पूजा और आरती की आवाजें आती हैं, लोगों का मानना है कि माता के भक्त आल्हा और ऊदल यहाँ पूजा करने आते हैं, जो बारहवीं शताब्दी में बुन्देलखण्ड में शासन करते थे।

4- जगन्नाथ मंदिर
ये उड़ीसा के पूरी में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है, इस मंदिर के शिखर पर एक ध्वज लगा है, जिस पर सुदर्शन चक्र लगा है, जो किसी भी ओर से देखने पर हमारे सामने नजर आता है, इसके अलावा इस मंदिर में 7 बर्तनों को एक दूसरे ऊपर रखकर प्रसाद पकाया जाता है, लेकिन सबसे पहले सबसे ऊपर वाले बर्तन का प्रसाद पकता है, इसके अलावा इस मंदिर के गुंबज की छाया जमीन पर नजर नही आती है, इन सभी रहस्यों का पता आज तक कोई नही लगा पाया है।

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