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रूस ने बनाई कोरोना वैक्सीन , पुतिन ने बेटी को लगवाया पहला टीका


दुनिया के तमाम देश कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुटे हैं। लेकिन इसी बीच मंगलवार को एक अच्छी खबर सामने आई है। रूस ने दावा किया है कि उसने कोरोना की पहली वैक्सीन ना सिर्फ बना ली है, बल्कि उसे रजिस्टर्ड भी कर लिया है। वैक्सीन को रूस की रैगुलेटरी बॉडी ने अप्रुवल भी दे दिया है। ऐसे में हमारे मन में दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन को लेकर तमाम प्रकार के सवाल भी उठ रहे हैं, आईए जानते हैं उन सभी सवालों के जवाब..

सवाल: क्या रूस ने बना ली पहली कोरोना वैक्सीन ?
जवाब
: रूस ने दावा किया है कि उसने कोरोना की सुरक्षित वैक्सीन बना ली है। राष्ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने खुद इसका ऐलान किया है। उन्होंने कहा, दुनिया में पहली बार कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन रजिस्टर्ड हुई है। उन्होंने वैक्सीन पर काम करने वाले लोगों को धन्यवाद भी कहा। पुतिन ने दावा किया है कि ये वैक्सीन सारे टेस्ट से गुजरी है। हालांकि, इस वैक्सीन पर अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देश भरोसा नहीं कर रहे हैं।

सवाल: किसने बनाई वैक्सीन ?
जवाब
: इस वैक्सीन Gam-Covid-Vac Lyo को मॉस्को के गामलेया रिसर्च यूनिवर्सिटी ने तैयार किया है। इसमें रक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिकों ने भी सहयोग दिया है। रूस ने एक महीने पहले ही कोरोना की वैक्सीन बनाने का दावा कर दिया था। रूस ने कहा था कि वह 12 अगस्त तक वैक्सीन को रजिस्टर्ड भी करा लेगा।

सवाल: कितनी सुरक्षित है वैक्सीन?
जवाब: गामलेया रिसर्च यूनिवर्सिटी के प्रमुख एलेक्‍जेंडर गिंट्सबर्ग और रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। अभी तक इस वैक्सीन से नुकसान के संकेत नहीं मिले हैं। इतना ही नहीं इस वैक्सीन को बनाने वाली रिसर्च टीम को भी यही टीके लगाए गए हैं। उधर, पुतिन ने दावा किया है कि उनकी दोनों बेटियों को भी वैक्सीन दी गई है।

सवाल: कैसे काम करती है ये वैक्सीन?
जवाब
: इस वैक्सीन को एडेनोवायरस के आधार पर बनाए गए पार्टिकल्स को इस्तेमाल करके बनाया गया है। यूनिवर्सिटी के प्रमुख एलेक्‍जेंडर गिंट्सबर्ग ने बताया कि इस वैक्सीन में ऐसे पार्टिकल्स यूज किए गए हैं जो अपनी कॉपीज नहीं बना सकते। उन्होंने बताया, जो पार्टिकल्स अपनी कॉपीज बना लेते हैं, उन्हें जीवित माना जाता है।

सवाल: क्या वैक्सीन के बाद कोई साइड इफेक्ट होता है?
जवाब: एलेक्‍जेंडर ने बताया, इस वैक्सीन के बाद लोगों को बुखार आ सकता है। इसके लिए उन्होंने लोगों से पैरासिटामॉल इस्तेमाल करने की सलाह दी है। उन्होंने बताया, टीका लगने के बाद इम्युन सिस्टम को पावरफुल बूस्ट मिलता है, इससे प्राकृतिक रूप से बुखार आ सकता है। लेकिन इस साइड इफेक्ट को पैरासिटामॉल से दूर किया जा सकता है।

सवाल: कब तक आएगा टीका, किसे सबसे पहले लगेगा ?
जवाब: इस वैक्सीन का इस्तेमाल इसी महीने से शुरू हो जाएगा। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने हाल ही में बताया था कि इसी महीने हेल्थ वर्कर्स को यह वैक्सीन दी जा सकती है। इसके बाद पूरे देश में वरिष्ठ नागरिकों को यह वैक्सीन दी जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सितंबर में इसका उत्पादन और अक्टूबर में लोगों को लगाने का काम शुरू हो जाएगा।

सवाल: कितनी होगी कीमत ?
जवाब : रूसी एजेंसी TASS के मुताबिक, रूस में यह वैक्‍सीन फ्री ऑफ कॉस्‍ट मिलेगी। इसपर आने वाली लागत को देश के बजट से पूरा किया जाएगा। बाकी देशों के लिए कीमत का खुलासा अभी नहीं किया गया है। हालांकि, दुनिया के दूसरे देशों में इसे कितनी कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा। ये तय नहीं हुआ है।

सवाल: WHO का क्या है कहना?
जवाब : उधर, रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना ली है, इसपर एक्सपर्ट भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। WHO का कहना है कि अभी तक उनके पास रूसी वैक्‍सीन से जुड़ी कोई जानकारी या डेटा नहीं आया है।

सवाल: कोरोना की और वैक्सीन कब तक आएंगी?
जवाब : 
ब्रिटेन, चीन, अमेरिका, इजरायल, जापान, चीन भारत समेत कई देशों में वैक्‍सीन के क्लिनिकल ट्रायल चल रहे हैं। 5 वैक्सीन ट्रायल के आखिरी स्‍टेज में पहुंच चुकी हैं और शुरुआती नतीजे अक्‍टूबर तक आ सकते हैं। अमेरिका और ब्रिटेन का दावा है कि इस साल के अंत तक वे कोरोना की वैक्सीन बनाने में सफल होंगे।

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