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3 खिलाड़ी जिनका करियर पृथ्वी शॉ और शुभमन गिल के वजह से हो सकता है प्रभावित


भारतीय टीम में सलामी बल्लेबाजों की कोई कमी नहीं है. कई युवा सलामी बल्लेबाज फ़िलहाल दौड़ में मौजूद हैं. लेकिन रोहित शर्मा और शिखर धवन की मौजूदगी बता रही है की उन्हें फ़िलहाल लंबा इंतजार करना पड़ेगा. जिसके कारण कई युवा खिलाड़ियों को मौका नहीं मिल पा रहा है.

रोहित और शिखर के बाद पृथ्वी शॉ और शुभमन गिल को चयनकर्ता मौका दे सकते हैं. जो फ़िलहाल रेस में बहुत आगे भी नजर आ रहे हैं. हालाँकि इन खिलाड़ियों को मौका मिला तो फिर अन्य सलामी बल्लेबाजों के लिए मुश्किले बढ़ जाएगी. फिर शायद ही उन्हें मौका मिल पायें.

आज हम आपको उन 3 युवा खिलाड़ी के बारें में बताएँगे. जिनका करियर शुभमन गिल और पृथ्वी शॉ के वजह से प्रभावित हो सकता है. इन खिलाड़ियों ने भी घरेलू क्रिकेट में बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया है. लेकिन उसके बाद भी वो चयनकर्तायों के नजरों में नहीं आ पायें हैं.

3. यशस्वी जायसवालअंडर-19 विश्व कप के दौरान भारतीय टीम के लिए खेले यशस्वी जायसवाल के प्रतिभा का लोहा सभी ने माना है. जायसवाल ने घरेलू क्रिकेट में और अंडर-19 विश्व कप दोनों में बहुत अच्छा किया है. वो बड़ी पारियां खेलते हुए नजर आते हैं. जो टीम के लिए सबसे अहम भी हैं.

यशस्वी जायसवाल ने 13 लिस्ट ए मैच में खेलते हुए 70.81 के औसत से 779 रन बनाये हैं. जिसमें उन्होंने 3 अर्धशतक और 3 शतक लगाये हैं. इस बीच उनका स्ट्राइक रेट 91.53 का रहा है. एक फर्स्ट क्लास मैच में उन्होंने 20 रन बनाये हैं. हालाँकि उस मैच में ही एक पारी खेली थी.

जायसवाल को उसके बाद भी जल्द भारतीय टीम में मौका मिलने का आसार नहीं नजर आ रहा है. रोहित और शिखर के गैरमौजूदगी में शुभमन गिल और पृथ्वी शॉ को मौका मिल रहा है. जिसके कारण यशस्वी जायसवाल को जल्द भारतीय टीम में मौका मिलना बहुत मुश्किल है.
2. देवदत्त पडीक्कल उभरते हुए आक्रामक बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज देवदत्त पडीक्कल का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. पिछले घरेलू सत्र में देवदत्त का बल्ला जमकर चला है. जिसके कारण वो आईपीएल में भी मौके पा सकते हैं. देवदत्त बड़ी आसानी के साथ बड़े शॉट खेलते हुए नजर आते हैं.

देवदत्त पडीक्कल ने अब तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 15 मैच खेले हैं. जिसमें 34.88 के औसत से 907 रन बनाये हैं. 13 लिस्ट ए मैच में उन्होंने 59.09 के औसत से 650 रन बनाये हैं. जिसमें 2 शतक और 5 अर्धशतक भी शामिल है. टी20 फ़ॉर्मेट में देवदत्त ने 12 मैच तक खेले हैं.

पडीक्कल ने जहाँ पर 64.44 के औसत से 580 रन बनाये हैं. जहाँ पर उनका स्ट्राइक रेट 175.75 का रहा है. लेकिन इतने अच्छे प्रदर्शन के बाद भी शुभमन गिल और पृथ्वी शॉ को ही पहला मौका मिलेगा. उनके ख़राब प्रदर्शन करने के बाद ही किसी और को आजमाया जायेगा. फिर ही पडीक्कल को मौका मिल पायेगा.

1.मयंक अग्रवाल टेस्ट फ़ॉर्मेट में बतौर सलामी बल्लेबाज अपनी जगह बना चुके मयंक अग्रवाल को अब सीमित ओवर फ़ॉर्मेट में भी अपनी जगह पक्की करने का अवसर मिलना चाहिए. हालाँकि न्यूजीलैंड के दौरे पर उन्हें मौका दिया गया था. जहाँ पर वो सफल नहीं हुए लेकिन उन्हें कुछ और चांस देना चाहिए.

मयंक अग्रवाल ने अब तक भारतीय टीम के लिए 11 टेस्ट मैच की 17 पारियों में 57.29 के औसत से 974 रन बनाये हैं. जिसमें 3 शतक और 2 दोहरा शतक भी शामिल है. 3 एकदिवसीय मैच में उन्होंने 12 के औसत से 36 रन ही बनाये थे. आईपीएल में वो 77 मैच खेल चुके हैं.

अग्रवाल बहुत ही आक्रामक अंदाज में खेलते हुए नजर आते हैं. जिसके कारण ही अब उम्मीद है की उन्हें आगे मौका मिले. लेकिन भारतीय टीम के चयनकर्तायों ने उन्हें टीम से बाहर करके शुभमन गिल को मौका दे दिया. जबकि पृथ्वी शॉ पहले से ही टीम का हिस्सा रहे थे. अब मयंक को इस फ़ॉर्मेट में मौका मिलना मुश्किल है.

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