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शौक को बनाया बिजनेस, 21 साल की उम्र में बन गया करोड़पति


कुछ लोग पूरी जिंदगी कमाते हैं। फिर भी करोड़पित नहीं बन पाते। लेकिन लुधियाना शहर के त्रिशनीत अरोरा ने महज 21 साल की उम्र में करोड़पति बनकर सबको हैरान कर दिया। इस उम्र तक तो कुछ लोग पढ़ाई कर रहे होते हैं। लेकिन त्रिशनीत 8वीं फेल हैं। इसके बावजूद भी वह सबसे यंग सीईओ में से एक हैं। उनका नाम फोर्ब्स लिस्ट में एशिया के ’30 अंडर 30′ में दर्ज है। इतना ही नहीं CBI से लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कई नामी कंपनियां त्रिशनीत की क्लाइंट्स हैं। त्रिशनीत एक एथिकल हैकर है, जिसमें नेटवर्क या सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर की सिक्योरिटी इवेल्युएट की जाती है।

2 अपने शौक को ही बना लिया बिजनेस  कहते हैं ना ‘बच्चा काबिल बनो, काबलियत झक मार के पीछे आएगी।’ ऐसा ही कुछ त्रिशनीत के साथ हुआ। वह भले ही 8वीं फेल हों। लेकिन उनकी काबलियत ही है कि दुनिया आज उनसे सीख रही है। उन्होंने बिना कंप्यूटर की पढ़ाई किए ही एथिकल हैकिंग में महारत हासिल की। इसके बाद त्रिशनीत मे 21 साल की उम्र में ‘टीएसी सिक्युरिटी’ नाम की साइबर सिक्योरिटी कंपनी खोली, जो अब करोड़ों कमा रही है। वो कहते हैं कि उन्होंने अपने शौक को ही बिजनेस बना लिया। यही कारण है कि आज वो इस मुकाम पर हैं।

3 575 हजार रुपये से शुरू किया था बिजनेस  लुधियाना के एक मिडिल क्लास में 2 नवंबर 1993 को जन्मे त्रिशनीत 24 साल के हैं। वह बचपन से पढ़ाई में कम और कंप्यूटर में ज्यादा दिलचस्पी लेते थे। वह ज्यादातर समय कंप्यूटर में हैकिंग का काम सीखने में लगता थे, जिसकी वजह से उन्होंने स्कूली पढ़ाई छोड़ दी। फिर उन्होंने अपना बिजनेस करने का फैसला किया। इसके लिए उनके पिता ने उन्हें 75 हजार रुपये दिए। पिता ने उन्हें पैसे देते हुए कहा था इन्हें डूबा मत देना।

4 पैरेंट्स को नहीं पसंद था त्रिशनीत का काम कंप्यूटर से इश्क होने की वजह से वह पढ़ाई में ज्यादा ध्यान नहीं देते थे, जिसकी वजह से 8वीं में फेल हो गए। हालांकि 12वीं तक की पढ़ाई उन्होंने कॉरेस्पॉन्डेंस से की है, जिसके साथ वह कंप्यूटर की पढ़ाई भी करते थे। त्रिशनीत के माता-पिता को उनका यह काम पसंद नहीं था। उनके पिता अकाउंटेंट काम करते हैं।

नामी कंपनियों के लिए करते हैं काम : त्रिशनित रिलायंस, सीबीआई, पंजाब पुलिस, गुजरात पुलिस, अमूल और एवन साइकिल जैसी कंपनियों को साइबर से जुड़ी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा वह ‘हैकिंग टॉक विद त्रिशनित अरोड़ा’, ‘दि हैकिंग एरा’ और ‘हैकिंग विद स्मार्टफोन्स’ जैसी किताबें भी लिख चुके हैं। दुबई और यूके में इनकी कंपनी का वर्चुअल ऑफिस है। करीब 40 प्रतिशत क्लाइंट्स इन्हीं ऑफिसेज से डील करते हैं। इन्होंने नॉर्थ इंडिया की पहली साइबर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम सेटअप की।

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