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सावधान: आपकी इस एक आदत के कारण कई गुना बढ़ सकता है 'ब्रेन स्ट्रोक' का खतरा


जब दिमाग के किसी हिस्से को खून की सप्लाई अचानक रुक जाती है तो उस हिस्से के सेल्स (Cells) मर जाते हैं. इस हालत को ब्रेन स्ट्रोक या ब्रेन अटैक  कहा जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि ब्यूटी पार्लर में करवाई गई मसाज भी आपको स्ट्रोक के खतरे पर खड़ा कर सकती है!

जी हां, आराम, फैशन और खूबसूरती के लिए आप जिस ब्यूटी पार्लर का रुख करते हैं वो आपको सीधे अस्पताल भी पहुंचा सकते हैं. दरअसल, पार्लर में गर्दन की मालिश या आराम के लिए करवाई जा रही 'मसाज', दिमाग पर बुरा असर डाल सकती है. यहां तक कि ब्रेन स्ट्रोक का कारण भी हो सकती है.

मैक्स अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ चंद्रील चुघ बताती हैं कि एक ऐसा ही केस राष्ट्रीय राजनाधी दिल्ली से भी सामने आया था जहां रहने वाली वंदना को जब गर्दन में अकड़न के साथ अस्पताल लाया गया तो शुरुआत में डॉक्टरों ने कहा कि वो अब उठ नहीं पाएंगी. पार्लर में एक मसाज के दौरान उनकी गर्दन से दिमाग तक जाने वाली एक नस में दर्द शुरू हुआ था. इस घटना को अब दो साल बीत चुके हैं. दो साल पहले 3 दिन अस्पताल में रहने के बाद वंदना ठीक तो हो गई लेकिन अब भी इलाज करवा रही हैं.

इन बातों का रखें विशेष ध्यान: मरीज वंदना बताती हैं कि गर्दन के पिछले हिस्से में रीढ़ और दिमाग तक जाने वाली कई अहम नसें होती हैं. लेकिन कई लोग इस हिस्से की जमकर मालिश करवा लेते हैं, जिसमें गलत तरीके से नस दबने की वजह से उनकी गर्दन में अकड़न से लेकर कई गंभीर परेशानियां हो सकती हैं. गलत तरीके से कुछ योगासन करने से भी कुछ लोग स्ट्रोक के शिकार हो सकते हैं. डॉक्टरों की राय में गर्दन की मसाज से बचना चाहिए. जरूरत हो तो हल्की मालिश करवाएं. पहलवान और नौसिखिए लोगों से गर्दन की मालिश ना करवाएं तो बेहतर है.

क्यों होता है ब्रेन स्ट्रोक:- ब्रेन स्टोर कई कारणों से हो सकता है. इसमें हाई ब्लड प्रेशर, स्मोकिंग, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ होना, जंक फूड का ज्यादा सेवन करना, प्रदूषण और तनाव सबसे अहम कारणों में से एक हैं.

इलाज या बचाव के उपाय:- डॉक्टरों के अनुसार, दिमाग की सेहत अच्छी करने के लिए रेगूलर एक्सरसाइज, मेडिटेशन, ताजी हवा, ज्यादा पानी पीना, और शतरंज या पजल हल करने जैसे खेल अच्छे माने गए हैं.

यानी मोटे तौर पर लाइफ स्टाइल, हमारी खराब आदतें ही हमें एक ऐसी बीमारी की ओर धकेल रही हैं जिससे होने वाला नुकसान अक्सर स्थायी होता है. सबसे जरूरी बात, अगर आप ब्लड प्रेशर या डायबिटीज के मरीज हैं तो इन दोनों बीमारियों को दवाओं और बेहतर लाइफ स्टाइल से काबू में रखें. वहीं, अगर आप नियमित व्यायाम करते हैं चाहे वो आधे घंटे की सैर ही क्यों ना हो. योग और ध्यान करते हैं. पानी पर्याप्त मात्रा में पी रहे हैं और सेहतमंद खाना खाते हैं जिसमें नमक की मात्रा, तेल की मात्रा, चीनी और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा पर आपका कंट्रोल है, तो आप स्ट्रोक के खतरे को कम कर सकते हैं.

क्या कहते हैं आंकड़े? हर 4 में से एक व्यक्ति को ब्रेन स्ट्रोक का खतरा होता है. स्ट्रोक के शिकार होने वाले 20 फीसदी लोग 40 वर्ष से कम उम्र के होते हैं. गांवों में ब्रेन स्ट्रोक की समस्या शहरों के मुकाबले ज्यादा देखी गई है. भारत में स्ट्रोक मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है.

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