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भारत की बेटी ने अमेरिका में दिखाया कमाल, 150 देशों की प्रतिभाओं को पछाड़ मिशीगन यूनिवर्सिटी में बनी वैैज्ञानिक


मंजिल उन्हें मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौंसलों से उड़ान होती है।' उक्त पंक्तियों को चरितार्थ किया पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्र गांव बमियाल की डॉ. रुचि महाजन ने। रुचि ने सात समंदर पार यूएसए (अमेरिका) की मिशीगन स्टेट यूनिवर्सिटी की डाक्टर रिसर्च एसोसिएशन नेशनल सुपर कंडिक्टिंग साइक्लोट्रान लेबोट्ररी में वैज्ञानिक बन अमेरिका में भारत का नाम पूरे विश्व में रोशन किया।

यूनिवर्सिटी की इस एकमात्र सीट के लिए जनवरी में आनलाइन टेस्ट हुआ था। इसमें 150 देशों के परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। इसका रिजल्ट अक्टूबर में आया था और डा. रुचि महाजन ने 150 देशों के परीक्षार्थियों को पछाड़ते हुए इस एकमात्र सीट पर कब्जा जमाया। उनकी इस उपलब्धि पर शंकरी देवी डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल बमियाल में आयोजित एक सम्मान समारोह में शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के सदस्यों व स्कूल मैनेजमेंट ने उन्हें गौरव सम्मान से सम्मानित किया।

बेटियों को बोझ समझने वालों के मुंह पर करारा तमाचाः कुंवर रविंदर विक्की

परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने कहा कि इस सीमावर्ती कस्बा बमियाल का इतिहास प्रतिभाओं से भरा हुआ है। डाक्टर रुचि से पहले इस क्षेत्र की दो बेटियों ने जज बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि डा. रुचि महाजन की यह महान उपलब्धि उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो आज भी बेटियों को बोझ समझते हैं, जबकि आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है।

हिम्मत, मेहनत व लगन से प्राप्त की जा सकती है हर मंजिल : डा. रुचि

डाक्टर रुचि महाजन ने परिषद व स्कूल मैनेजमेंट का आभार व्यक्त करते हुए अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी माता दर्शना महाजन व पिता सुरेंद्र महाजन को देते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में उनका पालन पोषण किया। वे हमेशा उन्हें कहते थे कि नथिंग इज इंपासिबल इन लाइफ, माता-पिता के कहे शब्दों ने उनका हौसला बुलंद किया तथा हिम्मत, मेहनत व लगन की सीढ़ी से इस मंजिल तक पहुंचते हुए उसने यह मुकाम हासिल किया है। डा. रुचि ने डीएवी स्कूल की एमडी संतोष महाजन के बारे में कहा कि वह उनकी गुरु रही हैं और एक शिष्य के रूप में मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है।

स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक किया टाप

डा. रुचि महाजन ने बताया कि उसने दसवीं व 12वीं की कक्षा डीएवी स्कूल कठुआ से उत्तीर्ण कर राज्य स्तर पर टाप किया। 2009 में सरकारी कालेज चंडीगढ़ से बीएससी, 2012 में एमफिल में टाप कर पंजाब यूनिवर्सिटी की गोल्ड मेडलिस्ट बनी और 2018 में न्यूक्लियर फिजिक्स में पीएचडी की और इसी वर्ष बाबा एटोमिक रिसर्च सेंटर मुंबई में उन्हें बेस्ट थीसिज का अवार्ड भी मिला। यहीं नहीं, साइंस आफ टेक्नालोजी डिपार्टमेंट आफ इंडिया के जरिए उसने 2017 में मुंबई, 2018 में जापान व फ्रांस के अलावा अन्य कई देशों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। थापर यूनिवर्सिटी पटियाला व उड़ीसा में हुई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उसने पहला स्थान हासिल किया।

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