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कोरोना संकट: नहीं आए सैलानी, कुल्लू-मनाली में खुलने के एक माह बाद ही 200 होटल फिर बंद


कुल्लू-मनाली में खुलने के एक माह बाद ही 200 होटल फिर बंद हो गए हैं। जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और सैलानियों का न आना इसका कारण बताया जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर पर्यटन नगरी मनाली में पड़ा है। जहां करीब 100 मध्यम और छोटे स्तर के होटलों पर ताला जड़ दिया है। वहीं, जिला कुल्लू में पिछले आठ माह से डेढ़ हजार से अधिक होटल और होम स्टे बंद पड़े हैं। ये होटलियर कोरोना की वैक्सीन आने तक अपने होटलों को खोलना नहीं चाहते।

हालांकि, बर्फबारी के बाद मनाली में पर्यटकों की ऑक्यूपेंसी बढ़ी है लेकिन, छोटे व मीडियम स्तर के होटलों की ऑक्यूपेंसी अभी भी शून्य के आसपास है। उधर, जिला कुल्लू के साथ ऊझी घाटी में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। यही वजह है कि मनाली के स्थानीय होटलियरों ने अपने परिवार की सुरक्षा को देखते हुए कारोबार को बंद कर ताला लगा दिया है। कसोल के साथ तीर्थन और जिभी घाटी में भी 120 होटल और होम स्टे में से 40 फीसदी पर्यटन गतिविधियों को बंद करना पड़ा है।

जबकि, 20 फीसदी होटल व होम स्टे आठ माह से ही नहीं खोले गए। तीर्थन वैली होटल एसोसिएशन के प्रधान वरुण भारती ने कहा कि पर्यटकों के न आने से तीर्थन घाटी में 30 होम स्टे को बंद किया गया है और लोगों ने इसके बदले कृषि व बागवानी पर फोकस करना शुरू कर दिया है। मनाली होटल एसोसिएशन के प्रधान अनूप राम ठाकुर ने कहा कि मनाली में एक अक्तूबर से 30 फीसदी होटलों को खोला गया था। अब इसमें से 100 के करीब होटलों को फिर से बंद करना पड़ा है। इन होटलों में पर्यटक ही नहीं आ रहे हैं। कोरोना के बढ़ते केसों से होटल संचालक अब सहमे हुए हैं। मनाली में आइसोलेशन सेंटर मनाली से दूर ब्यास नदी किनारे खोल रखा है। उन्होंने सरकार से मनाली के ग्रामीण इलाकों के होटलों और होम स्टे के लिए एसओपी की शर्तों में कुछ छूट देने की मांग की है।

जिले में आठ माह से 1500 से अधिक होटल बंद

जिला कुल्लू में आठ माह से 1500 से ज्यादा होटल और होम स्टे बंद पड़े हैं। अब एक माह पहले खोले होटल भी कोरोना के डर और सैलानियों के न आने से बंद होते जा रहे हैं। प्रधान अनूप ठाकुर ने कहा कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आती, मनाली में पर्यटन गतिविधियों को चलाना खतरे से खाली नहीं है।

मनाली के बड़े होटलों में बढ़ी ऑक्यूपेंसी

पिछले दिनों मनाली, सोलंगनाला, अटल टनल रोहतांग और रोहतांग दर्रे में हुई ताजा बर्फबारी से मनाली में पर्यटकों की संख्या में दस प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मगर इसका लाभ सिर्फ मनाली के बड़े और स्टार होटलों को मिल रहा है।

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