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चेहरे की झुर्रियां हों या फिर हो माइग्रेन, इन सबके लिए कारगर है आक का फूल


बंजर जमीन, खुले तथा शुष्क क्षेत्र में अपने-आप उगने वाला आक का फूल औषिधीय गुणों से भरपूर है. आक का फूल छोटा, सफेद और कटोरीनुमा आकार का होता है. साथ ही उसपर लाल व बैंगनी रंग की चित्तियां होती हैं. आक के पौधे की जड़ में मंडारएल्बन और फ्युएबिल नाम का रसायन पाया जाता है. मदार या आक औषधीय पौधा है, जो अपने आप उग आता है। यह कई शारीरिक समस्याओं से छुटकारा दिला सकता है.

चेहरे की झुर्रियों से देता है छुटकारा
अगर आप चेहरे की झुर्रियों से परेशान हैं तो आक का फूल आपके लिए रामबाण उपाय है. इसके लिए पहले आप हल्दी के 3 ग्राम चूर्ण को आक के दो चम्मच दूध और गुलाब जल में अच्छी तरह से मिला लें. फिर इसका लेप चेहरे पर लगाएं, इससे त्वचा मुलायम होती है. लगाते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि आंक पर इसका लेप न लगे, जिनकी त्वचा पहले से मुलायम है और चेहरे पर निखार लाना चाहते हैं तो उन्हें आक के दूध के स्थान पर आक का रस इस्तेमाल करना चाहिए.

माइग्रेन और कान दर्द से मिलेगा छुटकारा
आक के फूल का उपयोग सिर व कान दर्द में उपयोग होता है. इसके दूध को सिर पर लगाने से माइग्रेन ( Migrane ) में फायदा मिलता है. आक के पत्तों का रस कान में डालने से कान से संबंधित रोग जैसे कान में मवाद आना, सांय-सांय की आवाज आना, दूर होते हैं.

आक के दूध में रूई भिगोकर घी में अच्छी तरह से मसल लें और फिर इसे दाढ़ पर रख लें. इससे दांत या दाढ़ का दर्द तत्काल दूर हो सकता है. इसके अलावा अर्क के दूध में नमक मिलाकर दांत पर लगाने से दांत का दर्द दूर हो जाता है

वहीं, हिलते हुए दांत को अर्क का दूध लगाकर आसानी से निकाला जा सकता है. ऐसा करने से दांत निकालते समय दर्द कम होता है.

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