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भगवान् शिव का एक मंत्र, जिससे मिलेगा मनचाहा वरदान ...


ये है मंत्र : ओम नम शिवाय। हर हर महा देव। ओम नमः चंडिकायै

भगवान शिव यानि भोलेनाथ को प्रसन्न करने के कई सरल उपाय हैं, महादेव के जल्द प्रसन्न हो जाने के कारण ही उन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है। शिवजी के कई मंत्र भी हैं, लेकिन हर मंत्र का अपना एक अलग सार है, साथ ही यह एक विशिष्ट फल भी देता है।

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पंडित सुनील शर्मा के अनुसार इसलिए शिव के मंत्रों को मनोकामना के अनुसार ही जाप करना और अधिक प्रभावी होता है। इसके अलावा भगवान शिव के विभिन्न मंत्रों में कई दिव्य शक्तियां हैं, श्रद्धा भाव से इस मंत्र के जाप से मनोवांछित फल की प्राप्ति की जा सकती है। 

मंत्र की सिद्धी और साधना के लिए दृढ़ संकल्प का होना बेहद जरूरी है। इसके बगैर मनोकामना पूरी नहीं हो सकती है। इसके अलावा एक ही मंत्र को अलग—अलग तरीके से इस्तेमाल करके भी अलग—अलग फल प्राप्त होते हैं।

इन मंत्रों का प्रयोग महाशिवरात्रि, सूर्य ग्रहण,चन्द्र ग्रहण, दीपोत्सव, अक्षय तृतीया, संक्रांति, होलाष्टक, रवि पुष्य नक्षत्र, गुरु पुष्य नक्षत्र, अमृत सिद्धी योग, अमावस्या और नवरात्र आदि त्योहारों के मौके पर करना शुभ माना गया है। इन मंत्रों से शीघ्र लाभ तो मिलता ही है साथ ही तुरंत मनोकामना भी पूरी हो जाती है।

1. आयु बढ़ाने के लिए : ऊँ नम: शिवाय' मंत्र का जाप रोज करना चाहिए। खासकर शिवलिंग का पूजन करते समय। मान्यता है कि इस मंत्र के साथ शिवलिंग पर दुर्वा और जल चढ़ाने से आयु में वृद्धि होती है।

2. ऐसे लक्ष्मी जी भी होती हैं प्रसन्न: हर दिन कमल के फूलों को 'ऊँ महादेवाय नम:' मंत्र का जाप करते हुए शिव लिंग पर अर्पित करने से शिव तो प्रसन्न होते ही हैं, साथ ही मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है। जिससे घर में वैभव में बढ़ोत्तरी होती है।

3. पूरी होती है पुत्र मनोकामना: नियमित काले धतूरे के फूल, जिसमें धतुरे के पौधे का डंठल लाल होती है। उसे शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए। साथ में 'ऊं नम: शिवाय' मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र बोलते हुए शिवलिंग पर चढ़ाकर शिव सहस्त्र नाम स्तोत्र का पाठ अथवा शिव चालिसा के 11 पाठ भी रोज करने से संतान प्राप्ति होती है।

4. मान-सम्मान ऐश्वर्य के लिए: रोज अगस्त्य के फूलों को 'ऊँ नमो भगवते रुद्राय' मंत्र का जाप करते हुए चढ़ाने से मान-सम्मान-यश और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

4. वाहन और मकान का सुख: ऊँ महा देवाय नम:' मंत्र का जाप करते हुए रोज चमेली के फूलों को शिवलिंग पर चढ़ाएं। इससे मकान और वाहन सुख प्राप्त होता है।

6. मन पसन्द प्रेमिका व पत्नी : रोज 'ऊँ भगवत्यै उमा देव्यै शंकर प्रियायै नम:' मंत्र का उच्चारण करते हुए बेला के पुष्पों को शिव-पार्वती को अर्पित कर प्रार्थना करें। इससे मनपसन्द प्रेमिका व पत्नी मिल जाती है।

7. दूर होते हैं रोग: नियमित रूप से कनेर के फूलों को 'ऊँ ह्रौं जूँ सः मम पालय पालय स: जूँ ह्रौं ऊँ' मंत्र का उच्चारण करना चाहिए। इससे कई प्रकार के रोग शरीर से दूर ही रहते हैं।

8. दूर भाग जाते हैं भय, क्लेश और गरीबी: रोज तिल के फूलों को शिवलिंग पर चढ़ाएं और 'ऊँ शंकराय नम:' मंत्र का जाप करने से भय, गरीबी, क्लेश, बंधन आदि से छुटकारा मिल जाता है।

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पंडित सुनील शर्मा के अनुसार हिन्दू धर्म में ऐसी कोई पूजा नहीं है, जिसमें चावल यानी अक्षत का उपयोग न होता हो। हिन्दू धर्म में हर पूजा में अक्षत जरूरी माना गया है। हर शुभ कार्य में और हर पूजा-विधान में चावल का इस्‍तेमाल किया जाता है।

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